वसई-विरार में गड्डों के बाद अब धूल बनी खतरा, स्वास्थ्य पर हो रहा गहरा असर

Mumbai News: वसई-विरार में सड़क मरम्मत और बारिश के बाद धूल का गुबार बढ़ गया है। जिससे नागरिकों को सांस और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वसई-विरार में धूल (pic credit; social media)
वसई-विरार में धूल (pic credit; social media)
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Vasai-Virar News: वसई-विरार में सड़क मरम्मत और बारिश के बाद अब धूल की समस्या ने नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जगहों पर गड्डों को भरने के लिए इस्तेमाल की गई रेती मिट्टी सड़कों पर फैल गई है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ दिनों से मनपा शहर की विभिन्न सड़कों की मरम्मत करवा रही है। हालांकि, मरम्मत के बाद बारिश के कारण रेती मिट्टी फैल गई और वाहनों के लगातार गुजरने से धूल का गुबार शहर में फैल गया है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिकों का कहना है कि धूल उनके नाक और मुंह में जाकर सांस की गंभीर बीमारियां पैदा कर सकती है। इसके अलावा यह धूल खाने-पीने के स्टॉल और ठेलों पर भी जम रही है, जिससे वहां सामान पर भी असर पड़ रहा है।

सड़क मरम्मत के बाद सफाई के दौरान मिट्टी को एक तरफ धकेल दिया जाता है, जिससे भी शहर में धूल की समस्या बनी रहती है। शहर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ शिरसाड कवेधरी रोड, चिंचोटी भिवंडी रोड, नायगांव, सातीवली जैसी संपर्क सड़कें और हाईवे से जुड़ी मार्गों पर धूल का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

नागरिक मनपा से तुरंत उचित उपाय करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि धूल को नियंत्रित नहीं किया गया तो सांस की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आम लोगों को प्रभावित कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में सड़कों की नियमित सफाई और गड्डों की मरम्मत के बाद मिट्टी को सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी है। मनपा अधिकारी भी इस समस्या से अवगत हैं और जल्द ही समाधान के लिए कदम उठाने का दावा कर रहे हैं।

लोगों को उम्मीद है कि मनपा धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय अपनाएगी ताकि सड़क पर चलने वाले नागरिकों और स्टॉल मालिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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