बदलापुर मामले से थमे मुंबई लोकल के पहिए, अंबरनाथ और कर्जत के बीच 42 ट्रेनें रद्द

बदलापुर में हुए दो बच्चियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर मंगलवार को बदलापुर स्टेशन पर रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। अंबरनाथ और कर्जत स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं सुबह 10:10 बजे से निलंबित कर दी गई थी और इस वजह से 15 एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव भी गया था।
बदलापुर मामले से थमे मुंबई लोकल के पहिए, अंबरनाथ और कर्जत के बीच 42 ट्रेनें रद्द
बदलापुर मामले को लेकर लोगों ने किया रेल रोको आंदोलन (नवभारत फोटो)
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मुंबई: बदलापुर में हुए दो बच्चियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर मंगलवार को बदलापुर स्टेशन पर रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। अंबरनाथ और कर्जत स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं सुबह 10:10 बजे से निलंबित कर दी गई थी और इस वजह से 15 एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव भी गया था। शाम 8 बजे तक 42 लोकल ट्रेन कैंसिल की गई थी, जिसके बाद शाम 8:05 बजे पहली ट्रेन बदलापुर स्टेशन पहुंची।

बता दें कि शाम को स्टेशन पर भीड़ बढ़ने की वजह से पुलिस ने लाठी चार्ज कर के भीड़ को तित्तर- भीतर किया था। हालांकि सुबह से ही सीएसएमटी और अंबरनाथ के बीच सेवा सुचारु रूप से चल रही थी। अधिकारी ने बताया कि कोयना एक्सप्रेस को बदलापुर के पास से वापस कल्याण और फिर दिवा और पनवेल के रास्ते कर्जत की ओर भेजा गया था।

डीआरएम मुंबई सीआर ने सोशल मीडिया एक्स @drmmumbaicr पर जानकारी देते हुए बताया कि "बदलापुर-कर्जत की ओर ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं।"  डीआरएम मुंबई सीआर ने शाम को 8 बजकर 20 मिनट पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट कर ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू होने की जानकारी दी।

बदलापुर में रेल रोको आंदोलन के कारण शहर के हालात बेकाबू हो गए। देखते ही देखते पूरा शहर इसकी चपेट में आ गया। रेल रोको से मुंबई व पुणे दोनों रुट की रेल सेवा पूरी तरह ठप थी। शाम को 8 बजे बाद पहली ट्रेन बदलापुर स्टेशन पहुंची।

55 बसें चलाई गई

बता दें कि मध्य रेलवे ने कल्याण से कर्जत तक यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 100 बसें उपलब्ध कराने के लिए राज्य परिवहन से मदद मांगी थी, जिसके बाद 55 बसें उपलब्ध कराई गई थी। मध्य रेलवे के सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि कल्याण-कर्जत खंड पर स्थित स्टेशन पर अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा प्रबंधक, आरपीएफ के 60 जवान और 10 अधिकारी राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर्मियों के साथ बदलापुर स्टेशन पर नज़र बनाए रखे थे।जिनके कारण यह पूरा प्रकरण ने बड़ा रूप नहीं लिया।

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी पर आंदोलनकारियों ने पथराव भी किया। मंगलवार को शहर बंद का एलान भी किया गया था। दुकाने बंद होने से एक बड़ी अनहोनी बच गई। इसके बाद पुलिस हल्का बल प्रयोग भी किया।

मरीज, परिजन, स्टाफ की दुर्दशा

सुबह 10 बजे से ही आंदोलन के कारण ट्रेन रोके जाने से मुंबई, ठाणे इलाज कराने जा रहे मरीजों, भर्ती मरीजों के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में कानून-व्यवस्था ख़राब होने के कारण कई कार्यालय और कंपनियां बंद हो गईं, जो नागरिक सुबह कार्यालय आए उनके पास लौटने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए कर्मचारियों को पूरे दिन शहर में और रेलवे स्टेशन पर रहना पड़ा।

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