PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले नेतन्याहू का बड़ा दांव, लॉन्च किया 'Hexagon Alliance'

India Israel Strategic Alliance: PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले नेतन्याहू ने 'हेक्सागन अलायंस' का प्रस्ताव दिया है, जिसमें भारत, इजरायल, ग्रीस और साइप्रस मुख्य भागीदार के रूप में शामिल होंगे।
Before PM Modi Visit, Netanyahu Launches Hexagon Alliance, Makes India Key Partner
प्रधानमंत्री मोदी इजरायल दौरे पर (सो. सोशल मीडिया)
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India Israel Defense Partnership 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से इजरायल के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हो रहे हैं। उनके इस दौरे से ठीक पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। नेतन्याहू ने 'हेक्सागन अलायंस' नामक एक नए गठबंधन का प्रस्ताव देकर दुनिया को चौंका दिया है। इस गठबंधन में भारत को एक कोर पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है जो भविष्य के लिए अहम है।

हेक्सागन अलायंस का मुख्य उद्देश्य

नेतन्याहू के अनुसार यह गठबंधन मिडिल ईस्ट में पनप रही कट्टरपंथी ताकतों का मुकाबला करने के लिए है। इसमें भारत के अलावा इजरायल, ग्रीस और साइप्रस को प्रमुख साझेदार के तौर पर पेश किया गया है। यह गठबंधन सुरक्षा, खुफिया जानकारी के साझाकरण और रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए बनाया गया है।

क्षेत्र में बदलते रणनीतिक समीकरण

यह ऐलान उस समय हुआ है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब ने नाटो जैसी एक सुरक्षा संधि की है। जानकार इसे 'इस्लामिक नाटो' कह रहे हैं जिसमें तुर्की के भी शामिल होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में हेक्सागन अलायंस का प्रस्ताव इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने की एक बड़ी कोशिश है।

पीएम मोदी का भव्य स्वागत कार्यक्रम

पीएम मोदी का यह इजरायल दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और द्विपक्षीय संबंधों के लिए खास है। इजरायली संसद 'नेसेट' को मोदी संबोधित करेंगे और नेतन्याहू खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। संसद भवन को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया है जो दोनों देशों की गहरी दोस्ती को दर्शाता है।

आतंकवाद और सुरक्षा पर कड़ा प्रहार

नेतन्याहू ने कहा कि यह गठबंधन उन देशों को जोड़ता है जिनकी चुनौतियां और लक्ष्य एक समान हैं। इसका मुख्य निशाना कट्टर शिया और सुन्नी ताकतें हैं जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं। ईरान और उसके सहयोगी समूहों जैसे हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ यह एक मजबूत प्रतिरोधक होगा।

द्विपक्षीय वार्ता और भविष्य की योजनाएं

अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी और नेतन्याहू कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। दोनों नेता रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में नए समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं जो गेम-चेंजर होंगे। यह मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा है जो भारत की 'वेस्ट एशिया' नीति को और अधिक मजबूती देगी।

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