

मुंबई: बदलापुर में कथित यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर महाराष्ट्र की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। गृह मंत्रालय ने एसआईटी गठित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है। राज्य के गृह मंत्री ने मामला दर्ज करने में देरी करने वाले स्थानीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया है। स्कूल के प्रिंसिपल को भी निलंबित कर दिया गया है और प्रबंधन की जांच की जा रही है।
मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि हम पीड़िता को न्याय दिलाने और इस अपराध को अंजाम देने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कार्रवाई करने में सरकार की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।" उन्हाेंने कहा कि पीड़ित परिवार को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से मनोधैर्य योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी।
मंत्री तटकरे ने कहा कि मनोधैर्य योजना के अलावा भी पीड़ित परिवार को मामले के संबंध में जिस भी मदद की आवश्यकता होगी वह दी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि काेर्ट केस या किसी विषय में महिला एवं बाल विकास विभाग से मदद की आवश्यकता होगी वह प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब तक एसआईटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक स्कूल की मान्यता रद्द की जाए। साथ ही यदि स्कूल में इस मामले को दबाने के दोषियों को भी सजा दी जाए। मंत्री ने कहा कि स्कूल जाने के बाद बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है। इस मामले में जो कोई भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सजा जाएगी।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने 2013 में मनोधैर्य योजना शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत राज्य में यौन उत्पीड़न, बलात्कार, बाल यौन शोषण और एसिड हमलों के पीड़ितों को 3 लाख से 10 लाख रुपए तक का मुआवजा दिया जाता है।