लाउडस्पीकर पर शोर मचाने वालों की खैर नहीं, दर्ज होगी FIR; जारी हुई नई SOP

Maharashtra Loudspeaker Case: लाउडस्पीकर को लेकर नई SOP जारी की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है। अब धार्मिक हो या सार्वजनिक, नियम तोड़ने पर सीधे जेल होगी।
लाउडस्पीकर की नई SOP जारी (pic credit; social media)
लाउडस्पीकर की नई SOP जारी (pic credit; social media)
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Maharashtra Loudspeaker News: महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों में लाउडस्पीकर को लेकर राजनीति गर्म हो गई थी। महायुति सरकार ने लाउडस्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। अब लाउडस्पीकर के शोर की आवाज सुनते ही पुलिस मौके पर जाकर जांच करेगी। नियम तोड़ने पर सीधे FIR दर्ज होगी साथ ही जुर्माना भी लगेगा। सरकार ने पुलिस को लाउडस्पीकर जब्त करने के भी निर्देश दिए है।

छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र पुलिस ने नॉइस पॉल्यूशन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। गैरकानूनी तरीके से लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और नियम तोड़ने के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। खास तौर पर धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है।

नियम तोड़ने पर सीधे दर्ज होगी FIR

महाराष्ट्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) निखिल गुप्ता ने सभी पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई को और तेज करने को कहा गया है। छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने कहा, चाहे धार्मिक स्थान हो या सार्वजनिक, कानून सबके लिए बराबर है। लाउडस्पीकर का उपयोग नियमों के दायरे में करना होगा, वरना सख्त कार्रवाई होगी।

SOP में जारी हुए नियम

नई एसओपी के मुताबिक, शोर ( Noise Pollution) की शिकायत मिलते ही एक उप-निरीक्षक या उससे ऊपर रैंक का अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचेगा। उनके साथ दो तटस्थ साक्षी और एक नॉइस मीटर (Noise calculation meter) होगा, जिससे डेसिबल लेवल मापा जाएगा। इसकी पूरी जानकारी के साथ जगह का पता, मालिक का नाम, प्रतिष्ठान का प्रकार (धार्मिक या अन्य), और क्षेत्र का जोनिंग (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक या साइलेंट), एक पंचनामे में दर्ज होगी। अगर जोनिंग साफ नहीं है, तो क्षेत्र के मुख्य उपयोग के आधार पर इसे तय किया जाएगा। SOP में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे का समय भी तय किया गया है।

नियम तोड़ने पर सीधे होगी जेल

मौके का मुआयना करने के बाद, अधिकारी अपनी रिपोर्ट पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को सौंपेगा। इसके बाद चेतावनी दी जा सकती है या कानूनी कार्रवाई के तहत FIR भी दर्ज की जा सकती है। उल्लंघन करने वालों को जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।

MPCB भी पर्यावरण कानूनों के तहत कार्रवाई कर सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर लाउडस्पीकर जैसे उपकरण जब्त होंगे और मुकदमा चलाया जाएगा। महाराष्ट्र पुलिस का यह कदम नॉइस प्रदूषण को रोकने और लोगों को शांत माहौल देने की दिशा में अहम है। यह नियम सभी धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर एकसमान लागू होंगे, ताकि कानून का सख्ती से पालन हो सके।

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