BSNL डायरेक्टर के शाही प्रोटोकॉल पर कटा बवाल; दौरे पर साहब की कंघी और कच्छे के इंतजाम के लिए तैनात थे 50 अफसर

BSNL Director Protocol: प्रयागराज में BSNL डायरेक्टर के दौरे के लिए जारी शाही प्रोटोकॉल सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रद्द कर हो गया। इसमें साहब के खासमखास इंतजाम के लिए 50 अफसरों की ड्यूटी लगी थी।
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बीएसएनएल के अधिकारी विवेक बंजल,, फोटो- सोशल मीडिया
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BSNL Director Prayagraj Visit: BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा एक विवादास्पद 'शाही प्रोटोकॉल' के चलते रद्द कर दिया गया है। संगम स्नान के दौरान साहब के तौलिया, अंडरवियर और हेयर ऑयल तक का इंतजाम करने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की फौज तैनात की गई थी, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर खिंचाई हुई।

BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल का 25 और 26 फरवरी 2026 को संगम नगरी प्रयागराज और कौशांबी का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बिजनेस मीटिंग्स करना और धार्मिक स्थलों के दर्शन करना था। लेकिन उनके आगमन से पहले ही विभाग के जूनियर अधिकारियों ने सेवा-सत्कार की ऐसी रूपरेखा तैयार की, जो किसी राजा-महाराजा के जमाने की याद दिलाती है।

अंडरवियर से लेकर हेयर ऑयल तक की जिम्मेदारी

19 फरवरी को प्रयागराज बिजनेस एरिया के GM ऑफिस में तैनात DGM की ओर से चार पन्नों का एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया था। इस प्रोटोकॉल में साहब की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखने के लिए करीब 50 कर्मचारियों और अधिकारियों की फौज तैनात की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ रहने और खाने का इंतजाम नहीं था, बल्कि साहब के निजी उपयोग की वस्तुओं की जिम्मेदारी भी अफसरों को सौंपी गई थी।

BSNL का 'शाही' प्रोटोकॉल: साहब के लिए तैनात थे 50 अफसर, फजीहत के बाद दौरा और आदेश रद्द

आदेश के अनुसार, अधिकारियों को दो विशिष्ट किट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। पहली किट में चिप्स, चॉकलेट, फ्रूट जूस और पानी की बोतलों जैसी खाने-पीने की चीजें रखनी थीं। वहीं, दूसरी किट में साहब के नहाने के बाद पहने जाने वाले अंडरवियर, तौलिया, हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, शीशा, कंघी और स्लीपर तक की व्यवस्था करने के निर्देश थे। इतना ही नहीं, संगम में स्नान के बाद साहब की कोई निजी वस्तु घाट पर न छूट जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए भी अलग से अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

सोशल मीडिया पर लोगों की अजब-गजब प्रतिक्रिया

अधिकारी की यात्रा के लिए दो सफेद रंग की चमचमाती इनोवा गाड़ियां आरक्षित की गई थीं। इनमें हर वक्त नए और साफ तौलिये रखने और वेलकम किट का स्टॉक बनाए रखने की जिम्मेदारी तय की गई थी। जैसे ही यह आदेश पत्र इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने BSNL को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि जो कंपनी घाटे और नेटवर्क की समस्याओं से जूझ रही है, वहां अफसरों की निजी सुख-सुविधाओं पर जनता का पैसा और कर्मचारियों का समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है। कुछ लोगों ने इसे "अफसरशाही की पराकाष्ठा" और "तुगलकी फरमान" करार दिया।

फजीहत के बाद विभाग का यू-टर्न

चौतरफा फजीहत और किरकिरी होने के बाद BSNL मुख्यालय और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह आदेश उनके पेशेवर मानकों के खिलाफ है और इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। BSNL के जनसंपर्क अधिकारी आशीष गुप्ता ने पुष्टि की कि अब यह दौरा नहीं होगा और पुराना प्रोटोकॉल पूरी तरह अमान्य है। विभाग ने यह भी कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।

विवादों में आए अधिकारी विवेक बंजल

इस विवाद के केंद्र में आए विवेक बंजल 1987 बैच के इंडियन टेलीकॉम सर्विस (ITS) के एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी हैं। उनके पास टेलीकॉम सेक्टर में नेटवर्क प्लानिंग, ऑपरेशंस और मार्केटिंग का 30 सालों से भी ज्यादा का अनुभव है। वे इससे पहले गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे बड़े सर्कल्स में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। हालांकि, प्रयागराज दौरे के लिए उनके मातहत अधिकारियों द्वारा जारी किए गए इस अजीबोगरीब प्रोटोकॉल ने उनके करियर के इस पड़ाव पर एक अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है।

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