कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सरपंच ही संभालेंगे ग्राम पंचायत की कमान, महाराष्ट्र सरकार ने लिया अहम फैसला

Gondia News: राज्य सरकार ने गोंदिया की 188 ग्राम पंचायतों में कार्यकाल समाप्ति के बाद सरपंचों को ही प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। विकास कार्यों की निरंतरता के लिए यह फैसला लिया गया।
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गोंदिया ग्राम पंचायतों (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Government News: गोंदिया में कार्यकाल खत्म हो चुकी ग्राम पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। 20 फरवरी को प्रसिद्ध हुए 'असामान्य गजट' के अनुसार, कार्यकाल खत्म हुए ग्राम पंचायतों पर विस्तार अधिकारी नहीं, बल्कि सरपंच को ही प्रशासक के तौर पर नियुक्त करने का आदेश दिया गया हैं।इस फैसले से जिले की 188 ग्राम पंचायतों का कामकाज फिर से सरपंचों को सौंप दिया जाएगा।

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत कानून, 1959 की धारा 151 के तहत, मौजूदा सरपंच को छह महीने या चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक कार्यकाल खत्म हो चुकी ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। गांव को सुचारू रूप से चलाने के लिए न केवल सरपंच, बल्कि मौजूदा उपसरपंच और अन्य सदस्यों को मिलाकर एक 'प्रशासनीक समिति' बनाने के भी निर्देश

दिए गए हैं। राज्य सरकार ने यह अधिकार जिला परिषद के सीईओ को दिया है। उन्हें इस प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का आदेश दिया गया है। इसके अनुसार, गोंदिया जिले की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल, जो जनवरी और दिसंबर 2026 के बीच खत्म हो गया, इसमें देवरी तहसील में 29, सड़क अर्जुनी तहसील में 19, गोरेगांव में 25, गोंदिया में 37, अर्जुनी मोरगांव में 28, तिरोड़ा में 19, आमगांव में 22 और सालेकसा तहसील में 9 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिला प्रशासन जल्द ही इन नए प्रशासक की नियुक्ति के लिए आदेश जारी कर सकता है।

इस वजह से फैसले में हुआ बदलाव

राज्य में कई गोंदिया ग्राम पंचायतों के चुनाव प्रशासनिक मुश्किलों की वजह से समय पर नहीं हो पाए थे। ऐसे में, राज्यपाल के आदेश के अनुसार ग्रामविकास विभाग ने यह जरूरी बदलाव किया है, ताकि गांवों में विकास काम न रुके और स्थानीय अनुभवी नेतृत्व का फायदा मिल सके। इस फैसले से स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में लोकशाही बनी रहेगी और सरपंचों में खुशी का माहौल है।

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