
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Tanker Water Supply: जालना पिछले वर्ष मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा के बावजूद जालना जिले में इस बार सर्दियों के मौसम में ही। पानी की कमी के संकेत मिलने लगे हैं। संभावित जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने 16 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत वाली विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसे अंत्तिम स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर को भेज दिया गया है।
पिछले वर्ष जून-जुलाई में जिले में लगभग 25 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने 1 जुलाई से टैंकर सेवा बंद कर दी थी। उस समय टैंकरों की संख्या करीब 200 तक पहुंच गई थी, वर्ष 2023 के भीषण सूखे के दौरान यह संख्या 450 से अधिक हो गई थी।
वर्ष 2024 में संतोषजनक बारिश के कारण पानी की समस्या अधिक महसूस नहीं हुई, लेकिन बदनापुर और जालना तहसीलों में कम वर्षा होने से इस वर्ष सर्दियों में ही जल संकट उभर आया। 25 मार्च को जालना और बदनापुर तहसीलों के 5 गांव और 5 बस्तियां टैंकरों पर निर्भर हो गई थी।
अप्रैल में तापमान बढ़ने के साथ पानी की समस्या और गंभीर होती चली गई। अप्रैल के अंत तक जिले के 44 गांवों और 14 बस्तियों में 80 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही थी। मई की शुरुआत में टैंकरों की संख्या 100 के पार पहुंच गई।
3 जून तक 119 गांवों और 25 बस्तियों में 196 टैंकरों से पानी की आपूर्ति जारी थी। मई में हुई बेमौसम बारिश से संकट की तीव्रता कुछ हद तक कम हुई। इसके बान अगस्त-सितंबर में घनसावंगी, परतू और मंठा तहसीलों में भारी वर्षा हुई जिससे स्थिति में सुधार आया।
हालांकि भूजल स्तर में वृद्धि के बावजूद जालना बदनापुर, अंबड, मंठा, भोकरदन औ जाफराबाद इन छह तहसीलों में फरवरी से जून के बीच फिर से पानी की कमी की आशंका जताई गई है।
संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए जिला भूजल सर्वेक्षण एजेंसी और जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने जनवरी से जून 2026 की अवधि के लिए यह कार्य योजना तैयार की है।
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इसमें निजी कुओं के अधिग्रहण परः 2.37 करोड़ रुपयेटेंकर व बैलगाड़ी से जलापूर्ति परः 9 करोड़ रुपयेनल जल योजनाओं की विशेष मरम्मत परः 3.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा तैयार यह संभावित जल संकट निवारण योजना अंतिम मंजूरी के लिए जिला प्रशासन को भेज दी गई है।






