एक माह से राष्ट्रीय हाईवे अंधेरे में, विभाग की अनदेखी, वर्षों बाद भी नपं को हस्तांतरण नहीं

Street Light Issue: गोरेगांव-गोंदिया राष्ट्रीय महामार्ग पर पिछले एक माह से स्ट्रीट लाइट बंद रहने से अंधेरा पसरा है, जिससे चोरी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
Goregaon Gondia Highwa
Street Light Issue:गोरेगांव-गोंदिया राष्ट्रीय महामार्ग (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Goregaon Gondia Highway: गोरेगांव-गोंदिया राष्ट्रीय महामार्ग पिछले एक माह से अंधेरे में डूबा हुआ है। शहर से होकर गुजरने वाले इस राष्ट्रीय महामार्ग पर स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिससे पूरे मार्ग पर अंधेरा छाया हुआ है। इसके कारण चोरी जैसी वारदातों और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद राष्ट्रीय महामार्ग विभाग, नागपुर तथा संबंधित ठेकेदार स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यह राष्ट्रीय महामार्ग बने हुए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक हाईवे की स्ट्रीट लाइटें नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं की गई हैं, जो नागरिकों के लिए समझ से परे है।

मेंटेनेंस में लापरवाही, नागरिक परेशान

शहर में गोंदिया-गोरेगांव हाईवे पर समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले निर्माण कार्य को लेकर परेशानी थी, अब मेंटेनेंस कार्यों में भारी अनदेखी बरती जा रही है। स्ट्रीट लाइटें आज तक संबंधित विभाग की उदासीनता के चलते नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं की गई हैं। ऐसे में मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रीय महामार्ग विभाग, नागपुर के अधिकारियों पर ही आती है। गोरेगांव नगर का मुख्य बाजार राष्ट्रीय हाईवे पर ही स्थित है। शहर थाना चौक से लेकर पुलिस थाने तक की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। शाम होते ही स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को दुर्घटना का डर सताने लगता है। वहीं महिलाएं और युवतियां भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं। यदि स्ट्रीट लाइटें नगर पंचायत को हस्तांतरित कर दी जाएं, तो स्थानीय समस्याओं की बेहतर निगरानी और समाधान संभव हो सकता है।

कई बार की शिकायत, फिर भी अनदेखी

नगर पंचायत की ओर से इस समस्या से राष्ट्रीय महामार्ग विभाग को कई बार अवगत कराया गया है। साथ ही नागरिकों द्वारा भी लगातार शिकायतें की जा रही हैं। बावजूद इसके, राष्ट्रीय हाईवे पर स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस कार्य पूरी तरह भगवान भरोसे दिखाई दे रहा है।

एक ओर मुख्य बाजार क्षेत्र अंधेरे में रहने से चोरी की घटनाओं का डर बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। नागरिकों ने शीघ्र स्ट्रीट लाइटें शुरू करने और हाईवे को नगर पंचायत को हस्तांतरित करने की मांग की है।