
गड़चिरोली न्यूज
Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले की कुरखेड़ा तहसील के नान्ही गांव में उजागर हुए 786 ब्रास अवैध रेत भंडारण मामले में राजस्व विभाग ने आखिरकार कड़ी कार्रवाई की है। तीन आईएएस अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति द्वारा की गई जांच के बाद कुरखेड़ा के तहसीलदार ने ‘तारामंगल एजेंसी’ पर 1 करोड़ 46 लाख 19 हजार 600 रुपये का भारी जुर्माना लगाकर रेत तस्करों पर सख्त प्रहार किया है।
नान्ही गांव के सर्वे क्रमांक 127 में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन कर बिना अनुमति भंडारण किए जाने का मामला मीडिया के माध्यम से सामने आया था। इसकी पुष्टि के लिए मंडल अधिकारी और ग्राम राजस्व अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर माप-जोख की, जिसमें 786 ब्रास रेत का भंडार बिना किसी वैध अनुमति के पाया गया। प्रारंभिक जांच में ही स्पष्ट हो गया था कि इस भंडारण के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
इसके बाद तीन आईएएस अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति ने भी विस्तृत जांच कर रेत भंडारण को अवैध करार दिया। इस प्रकरण में तारामंगल एजेंसी के प्रोप्राइटर शंभू राजकुमार अग्रवाल (निवासी—देवरी, जिला गोंदिया) को तहसील कार्यालय द्वारा बार-बार नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
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हालांकि, 21 जनवरी को हुई अंतिम सुनवाई में भी वे रेत भंडारण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। अंततः प्रशासन ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम, 1966 की धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की।
राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित दंड के अनुसार, प्रति ब्रास 3,600 रुपये के बाजार मूल्य पर पांच गुना जुर्माना (18,000 रुपये) तथा 600 रुपये रॉयल्टी जोड़कर कुल 18,600 रुपये प्रति ब्रास की दर से दंड लगाया गया है। कुल 786 ब्रास रेत के लिए 1 करोड़ 46 लाख 19 हजार 600 रुपये की दंड राशि तय की गई है, जिसे सरकारी कोष में जमा करने के आदेश दिए गए हैं।






