
देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-एक्स)
Gadchiroli News: भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद गड़चिरोली में विकास की प्रक्रिया अधिक तेजी से होकर जल्द ही गड़चिरोली जिला दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार के रूप में पहचाना जाएगा, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री और जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। नगर परिषद चुनाव प्रचार के लिए गड़चिरोली में आयोजित सभा में बोल रहे थे। इस समय उन्होंने जिले के विकास का संपूर्ण प्रारूप जनता के समक्ष रखा।
जिससे महाराष्ट्र राज्य को 50 हजार करोड़ रुपयों की निधि उपलब्ध हुई है। गड़चिरोली शहर को एक विकसित शहर के रूप में लाने के लिए हमारे कार्यकाल में अंडर ग्राउंड नाली योजना, पीने के पानी की योजना और सीमेंट कांक्रीट की सड़क के लिए करीब 700 से 800 करोड रुपयों के कार्य किये गये। वहीं विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे द्वारा सूचित किये गये 130 करोड़ की अतिरिक्त जलापूर्ति योजना भाजपा सत्ता में आने के बाद तत्काल मंजूर की जाएगी।
वहीं जल्द ही जिले में 3 लाख करोड़ का बड़ा निवेश होने वाला है। जिससे गड़चिरोली नेक्स्ट स्टील हब बनेगा। यह निवेश टाटा नगर से भी बड़ा होगा। विशेषतः इससे तैयार होने वाले रोजगार पर जिले के भूमि पुत्रों का पहला अधिकार होगा। साथ ही विकास करते समय गड़चिरोली के जल, जंगल, जमीन का पूरी तरह संवर्धन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले अनेक वर्षों तक गड़चिरोली को महाराष्ट्र का आखिरी और पिछड़ा जिले के रूप में कहा जाता था। मंत्रालय में शिक्षा के रूप में गड़चिरोली में भिजवाए जाने की बात की जाती थी। लेकिन अब षड्यंत्र पूरी तरह खत्म हो गया है। अब गड़चिरोली राज्य के विकास के एजेंडे पर पहले क्रमांक पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने शहरों के विकास के सिटी लिए स्मार्ट सिटी और अटल अमृत योजना अमल में लाई है।
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गोंडवाना विवि ने ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी के साथ करार कर माइनिंग इंजीनियरिंग का विश्व दर्जे का संयुक्त पाठ्यक्रम शुरू किया है। विधायक नरोटे ने आउटर रिंग रोड की आवश्यकता होने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने यह मांग तत्काल मान्य की। सबसे महत्वपूर्ण यानी गड़चिरोली को दक्षिण भारत का प्रवेशद्वार बनाने के लिए आगामी तीन-चार माह में विमान स्थल निर्माण की शुरुआत की जाएगी।
इस समय विधायक कीर्तिकुमार भांगडिया, पूर्व सांसद अशोक नेते, पूर्व विधायक डॉ. देवराव होली, डॉ. नामदेव उसेंडी, पूर्व विधायक कृष्णा गजबे, जिलाध्यक्ष प्रा. रमेश बारसागडे, उपस्थित थे।






