1 लाख दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम अंग, मुख्यमंत्री का प्रयास, जीवनयापन होगा सुलभ

CM Devendra Fadnavis Initiative: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयास और रतन निधि फाउंडेशन के सहयोग से महाराष्ट्र में 1 लाख दिव्यांगों को निशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।
1 लाख दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम अंग
1 लाख दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम अंग (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli News: राज्य में दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सरकार प्रयासरत है। इसी के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से 1 लाख दिव्यांग बंधुओं को कृत्रिम अंग वितरित किए जाने वाले हैं, जिससे उनका जीवन और अधिक सुलभ होने वाला है। समाज के सभी घटकों को समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार का ध्येय है।

मुख्यमंत्री फडणवीस के प्रयासों तथा रतन निधि फाउंडेशन के सहयोग से महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में दिव्यांगों के लिए निशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक साधन वितरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस उपक्रम के माध्यम से 1 लाख दिव्यांग व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

दिव्यांग पुनर्वसन की दिशा में महत्वपूर्ण

यह अभिनव प्रकल्प दिव्यांग पुनर्वसन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तीकरण के लिए सरकार सभी स्तर पर प्रयासरत है तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से अधिक प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इस उपक्रम का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को स्वावलंबी बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है। कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर तथा अन्य सहायक उपकरणों का समावेश करने वाला यह वितरण कार्यक्रम राज्य में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

26 हजार दिव्यांगों का पुनर्वास

रतन निधि फाउंडेशन ने अब तक बीड, चंद्रपुर, जलगांव, सोलापुर, पालघर, मुंबई, गड़चिरोली, पुणे, सातारा, कोल्हापुर, रायगढ़, लातूर, नांदेड, यवतमाल, अकोला, परभणी, छत्रपति संभाजीनगर, धाराशिव और ठाणे जिलों में 29,496 सहायक उपकरण (जयपुर फुट, पोलियो कैलिपर्स, कृत्रिम हाथ व छड़ी) वितरित कर लगभग 26 हजार दिव्यांग व्यक्तियों का पुनर्वास किया है। विश्व स्तर पर लगभग 15% एवं भारत में करीब 2.2% जनसंख्या दिव्यांग है। ऐसे में रतन निधि फाउंडेशन का यह मोबिलिटी प्रकल्प दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

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