
एकनाथ शिंदे ने कई कार्यकर्ताओं में शिवसेना में कराया प्रवेश (सोर्स: एक्स@mieknathshinde)
ठाणे: हाल में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महायुति गठबंधन ने राज्य की 288 में से 230 सीट जीतीं, जिसमें शिंदे की पार्टी को 57 सीटें मिलीं। महायुति में भाजपा ने सबसे अधिक 132 सीटें जीतीं। वहीं अजित पवार गुट को 41 सीटों पर जीत हासिल हुई।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को 2024 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को अपने विरोधियों के मुंह पर तमाचा बताया, जिन्होंने निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय तक की आलोचना की थी। शिवसेना प्रमुख ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए शिवसेना (यूबीटी) के कई नेताओं का अपनी पार्टी में स्वागत करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिवसेना मजबूत हो रही है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाकरे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जिनका मानना था कि जनता उनका साथ देगी। शिंदे के विद्रोह के कारण ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना विभाजित हो गई और 2022 में महा विकास आघाडी की सरकार गिर गई थी।
उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से शिवसेना (यूबीटी) नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय तक की आलोचना की थी, उन्हें जनता ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शिंदे ने कहा कि जब वह ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहे, तो महाराष्ट्र में काफी विकास हुआ और शासन के संबंध में काफी प्रगति हुई।
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शिंदे ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में कहा था कि अगर उनका गठबंधन 200 से ज़्यादा सीट नहीं जीतता है, तो वह अपने गांव वापस जाकर खेती करेंगे। उन्होंने कहा, “हमने 230 से ज़्यादा सीटें जीतीं।” उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) नेताओं का शिवसेना में आना पार्टी की बढ़ती ताकत और निरंतर सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे के विचारों ने वर्षों में शिवसेना को आकार दिया है।






