शिवसेना चिह्न विवाद पर 'तारीख पर तारीख'! सुप्रीम कोर्ट में 1 अप्रैल की सुनवाई टली, अब इस दिन होगी अंतिम बहस

Shiv Sena Symbol Case: शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल की सुनवाई टाल दी। अब अप्रैल की अगली तारीख को होगा फैसला! उद्धव गुट को मिली निराशा, शिंदे गुट को जवाब देने का मौका।
Supreme Court hearing on Shiv Sena name & symbol dispute postponed to April 23.
धनुष-बाण पर सुनवाई (फाइल फोटो)
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Supreme Court Hearing April 23: शिवसेना के पक्ष एवं चुनाव चिन्ह विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब 23 अप्रैल को सुनवाई होने की संभावना है। यह मामला पहले 1 अप्रैल को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सुनवाई से एक दिन पहले ही इसे फिर से आगे बढ़ा दिया गया। लंबे समय से यह प्रकरण शीर्ष अदालत में लंबित है।

सुनवाई स्थगित होने से उद्धव गुट को निराशा हुई है। मामले में अंतिम बहस शेष है। 23 अप्रैल को सुनवाई होने पर ठाकरे गुट को पहले अपना पक्ष रखने का मौका मिल सकता है, जिसके लिए उन्हें डेढ़ घंटे का समय मिल सकता है। इसके बाद शिंदे गुट अपना जवाब पेश करेगा।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे गुट को 'शिवसेना' नाम और 'धनुष-बाण' चिन्ह आवंटित किया था, जिसके बाद से दोनों गुटों के बीच कानूनी संग्राम जारी है। इस चुनाव चिह्न को लेकर अब तक कई सुनवाई हो चुकी है लेकिन अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है। पार्टी को उम्मीद थी कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले चुनाव चिह्न को लेकर कोई बड़ा फैसला आ सकता है।

23 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

हांलाकि, ऐसा नहीं हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख दी थी। अब उद्धव की शिवसेना यूबीटी और एकनाथ शिंदे की शिवसेवा को 23 अप्रैल का इंतजार होगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ बगावत कर शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किया था। इसके कुछ समय बाद अजीत पवार ने भी शरद पवार के खिलाफ कदम उठाते हुए राकां और घड़ी चिन्ह पर अधिकार जताया था।

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