बिना गुरु के सीखा डांस, भूखे पेट स्टेशन पर गुजारी रातें, ऐसे बने रेमो डिसूजा डांस के सुपरस्टार

Remo Dsouza का सफर संघर्षों से भरा रहा है। बिना किसी गुरु के डांस सीखकर उन्होंने इंडस्ट्री में पहचान बनाई। कभी स्टेशन पर रात गुजारने वाले रेमो आज सफल निर्देशक और डांस आइकन बन चुके हैं।
remo dsouza birthday struggle to success story
रेमो डिसूजा (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Updated on

Remo Dsouza Birthday Special Story: बॉलीवुड के मशहूर कोरियोग्राफर और निर्देशक रेमो डिसूजा आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। डांस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले रेमो का सफर बेहद संघर्षों से भरा रहा है। कभी भूखे पेट रेलवे स्टेशन पर रात गुजारने वाले रेमो आज करोड़ों के मालिक हैं और इंडस्ट्री के बड़े नामों में शुमार हैं।

2 अप्रैल 1974 को बेंगलुरु में जन्मे रेमो डिसूजा का असली नाम रमेश गोपी नायर था। उनके पिता भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे और चाहते थे कि बेटा भी उसी राह पर चले, लेकिन रेमो का दिल डांस में बसता था। उन्होंने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और मुंबई आ गए। आर्थिक तंगी के चलते वह किसी से डांस सीख नहीं सके, बल्कि खुद ही म्यूजिक वीडियो देखकर सीखते रहे।

प्यार के साथ बदला नाम और जिंदगी

रेमो डिसूजा ने पॉप स्टार माइकल जैक्सन को अपना गुरु माना और उनके स्टाइल को अपनाकर अपनी अलग पहचान बनाई। मुंबई में संघर्ष के दौरान उनकी मुलाकात लिजेल वॉटकिंस से हुई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। इस रिश्ते के बाद उनका नाम रमेश गोपी नायर से बदलकर रेमो डिसूजा हो गया। हालांकि इस बदलाव को लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी रही हैं। आज उनके दो बेटे हैं और उनका परिवार उनके जीवन की ताकत है।

स्टेशन पर गुजारी रातें, फिर मिली पहचान

संघर्ष के दिनों में रेमो डिसूजा ने चर्नी रोड पर डांस क्लास शुरू की, जहां शुरुआत में सिर्फ चार छात्र आते थे। कई बार हालात इतने खराब थे कि उन्हें भूखे पेट बांद्रा स्टेशन पर रात बितानी पड़ती थी। उन्होंने फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम शुरू किया और शाहरुख खान की फिल्म ‘परदेस’ के गाने ‘मेरी महबूबा’ में नजर आए। इसके बाद आमिर खान की फिल्म ‘रंगीला’ से उन्हें बड़ा मौका मिला और यहीं से उनकी किस्मत बदलने लगी।

कोरियोग्राफर से डायरेक्टर तक का सफर

रेमो डिसूजा ने धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई और कई हिट गानों की कोरियोग्राफी की। उन्होंने ‘डांस इंडिया डांस’, ‘झलक दिखला जा’ और ‘डांस प्लस’ जैसे शो में जज बनकर नई प्रतिभाओं को मंच दिया। बाद में उन्होंने निर्देशन में भी कदम रखा और ‘एबीसीडी’ व ‘एबीसीडी 2’ जैसी फिल्मों से सफलता हासिल की। हालांकि ‘रेस 3’ उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।

Navbharat Live
navbharatlive.com