
धाराशिव जिला परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
BJP-Shiv Sena Won Dharashiv ZP Election: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘मिनी विधानसभा’ के तौर पर देखे जा रहे 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावी नतीजों ने राज्य की सियासी दिशा स्पष्ट कर दी है। धाराशिव जिले में सत्तारूढ़ महायुति, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए बड़ी जीत हासिल की है।
धाराशिव जिला परिषद की कुल 55 सीटों के लिए हुए कड़े मुकाबले के आधिकारिक आंकड़े सामने आ चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी 18 सीटों के साथ जिले में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 15 सीटों पर कब्जा जमाया है।
दूसरी ओर, विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) को इस चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को केवल 8 सीटें ही मिल सकीं, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का खाता भी नहीं खुल सका और उसे शून्य सीटों पर संतोष करना पड़ा। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है। अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस को 3 सीटें मिली हैं, जबकि निर्दलीयों ने 4 सीटों पर जीत हासिल की है और समाजवादी पार्टी के खाते में 1 सीट आई है।
धाराशिव के इस चुनाव में कई बड़े राजनीतिक चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। इसमें सबसे प्रमुख जीत आकांक्षा चौगुले की रही, जो शिवसेना के पूर्व विधायक ज्ञानराज चौगुले की बेटी हैं। आकांक्षा ने आलूर पंचायत समिति गण से 3925 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। उन्हें उमरगा पंचायत समिति के सभापति पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पालक मंत्री प्रताप सरनाईक ने चुनावी मैदान में उतरकर प्रचार किया था।
धाराशिव जिले की राजनीति के अन्य दिग्गजों, जैसे भाजपा विधायक राणा जगजितसिंह पाटील, ठाकरे गुट के सांसद ओमराजे निंबाळकर और पूर्व मंत्री तानाजी सावंत ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। जवळा निर्वाचन क्षेत्र से तानाजी सावंत के भतीजे धनंजय सावंत और तेर जिला परिषद क्षेत्र से राणा जगजितसिंह पाटील की पत्नी अर्चना पाटील चुनावी रण में थीं, जिससे यह मुकाबला बेहद व्यक्तिगत और प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव रिजल्ट: बीजेपी बनी 1 नंबर पार्टी, शिंदे ने भी लगाया शतक; विपक्ष का सूपड़ा साफ
धाराशिव सहित कुल 12 जिलों में जिला परिषद की 731 और पंचायत समितियों की 1462 सीटों के लिए शनिवार, 7 फरवरी को मतदान हुआ था। इस चुनाव प्रक्रिया में कुल 7,438 उम्मीदवार मैदान में थे। हालांकि, मुख्य परिणामों से पहले ही राज्य भर में महायुति के 25 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जिससे गठबंधन को शुरुआती बढ़त मिल गई थी। धाराशिव के ये नतीजे बताते हैं कि ग्रामीण मतदाताओं का झुकाव फिलहाल महायुति के विकास कार्यों की ओर अधिक है।






