दही हांडी उत्सव को लेकर फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, ‘गोविंदाओं' का हाेगा बीमा

Dahi Handi festival: महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव में भाग लेने वाले 1.5 लाख 'गोविंदाओं' के लिए बीमा कवरेज की घोषणा की है, जिसके तहत मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
Dahi Handi festival One and half lakh Govindas to be insured in Maharashtra
दही हांडी उत्सव में मानव पिरामिड बनाने गोविंदा (सोर्स: पीटीआई)
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मुंबई: हिंदू धर्म में हर पर्व त्योहार का अपना अलग ही महत्व होता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान श्री कृष्ण के जन्म के उत्सव के रूप में भारत के साथ पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस साल जन्माष्टमी का पावन पर्व 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसे लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला किया।

महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव में भाग लेने वाले 1.5 लाख 'गोविंदाओं' के लिए बीमा कवरेज का ऐलान किया है। इसके तहत मृत्यु की स्थिति में अधिकतम 10 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह कदम दही हांडी उत्सव से कुछ ही दिन पहले लिया गया है।

दही हांडी उत्सव में "गोविंदा" उन युवकों या पुरुषों के समूह को कहा जाता है जो एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर मानव पिरामिड बनाते हैं और दूध, दही तथा मक्खन से भरी हांडी (मिट्टी का बर्तन) को फोड़ने का प्रयास करते हैं। बीमा पैकेज में मानव पिरामिड बनाने के दौरान लगीं आकस्मिक चोटों के लिए भुगतान किया जाएगा।

सरकार ने जारी किया जीआर

बुधवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन 16 अगस्त को मनाए जाने वाले इस उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाने वाले पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए बीमा खर्च वहन करेगी।

महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन, मुंबई को ‘गोविंदाओं' के प्रशिक्षण, आयु और भागीदारी का सत्यापन करने तथा उनका विवरण पुणे में खेल एवं युवा सेवा आयुक्त को प्रस्तुत करने के लिए नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि यह कदम प्रतिभागियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करते हुए इस पारंपरिक आयोजन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

किसे मिलेगा कितना मुआवजा

सरकारी आदेश में दुर्घटनाओं की 6 श्रेणियों और उनके अनुसार बीमा भुगतान की रूपरेखा बताई गई है। दही हांडी प्रदर्शन के दौरान मृत्यु होने पर, मृतक ‘गोविंदा' के परिजन को 10 लाख रुपये मिलेंगे। पूरी तरह से स्थायी दिव्यांगता, जैसे दोनों आंखों या दो अंगों को नुकसान होने की स्थिति में भी इतनी ही राशि का भुगतान किया जाएगा।

वहीं एक आंख, एक हाथ या एक पैर खोने वाले ‘गोविंदाओं' को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इसके अनुसार इसके अतिरिक्त, बीमा योजना के तहत प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों के लिए एक लाख रुपये तक के इलाज का खर्च वहन किया जाएगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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