विकास या विनाश? ताडोबा-नागझिरा कॉरिडोर में स्टील प्लांट को मंजूरी, बाघों के रास्ते पर मंडराया संकट!

Tadoba Andhari Tiger Reserve: ताडोबा-नागझिरा कॉरिडोर में स्टील प्लांट को मंजूरी। वन्यजीव मंडल के विरोध के बावजूद सरकार ने लोहाडोंगरी में प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। संघर्ष बढ़ने का खतरा।
Tadoba Navegaon Nagzira wildlife corridor steel plant
ताडोबा-नागझिरा कॉरिडोर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Navegaon Nagjhira Corridor: राज्य सरकार ने ताड़ोबा से नवेगांव-नागझिरा की ओर जाने वाले वन्यजीवों के कॉरिडोर क्षेत्र में एक स्टील प्लांट को मंजूरी दी है। इस स्टील प्लांट के निर्माण से इस क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष और अधिक तेज होने तथा बाघों के संवर्धन में बाधा पहुंचने की आशंका से वन्यजीव प्रेमियों में नाराजगी है।

उल्लेखनीय है कि, यह प्रस्तावित स्टील प्लांट ब्रम्हपुरी तहसील के ग्राम लोहाडोंगरी से कुछ दूरी पर बनाया जा रहा है। इस क्षेत्र के पर्वतीय हिस्सों में बड़े पैमाने पर लौह अयस्क होने से ही इस क्षेत्र को लोहाडोंगरी के नाम से जाना जाता है।

पहले प्रस्ताव नकारा गया

राज्य सरकार ने इस क्षेत्र की नीलामी करते हुए यह लौह खान क्षेत्र नागपुर की एक कंपनी को आवंटित किया है। इस खान क्षेत्र का 36 हेक्टेयर क्षेत्र वन जमीन के तहत आने से इतनी वैकल्पिक जमीन वन विभाग को हस्तांतरित करने को भी सरकार ने मंजूरी दी है। गौरतलब है कि, इस स्टील प्लांट के प्रस्ताव को राज्य वन्यजीव मंडल की विशेषज्ञ टीम ने सिरे से नकार दिया था।

इस टीम के समक्ष यह प्रस्ताव 16 अक्टूबर 2023 को आया था। वन्यजीव मंडल ने इस प्लांट के निर्माण से ताडोबा-नवेगांव-नागझिरा के वन्यजीवों के कॉरिडोर को बाधा पहुंचने, वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन बाधित होने तथा मानव एवं वन्यजीवों के बीच पुनः संघर्ष तेज होने की संभावना से सरकार को आगाह किया था।

मात्र 120 लोगों को मिलेगा रोजगार

राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्यों के इस प्रस्ताव के विरोध को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस संदर्भ में तीन सदस्यीय एक अध्ययन समिति का गठन किया था। इस समिति ने राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्यों के विरोध की परवाह न करते हुए इस प्रस्ताव में कुछ सुधार सुझाते हुए उसे मंजूर किया था।

प्रतिवर्ष महज 1.1 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता तथा 120 लोगों को रोजगारक्षम बनाने वाले इस स्टील प्लांट से पर्यावरण को अधिक नुकसान होने से वन्य प्रेमियों में इस प्लांट की मंजूरी को लेकर बड़ी नाराजगी है।

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