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Chandrapur Health Scheme: असाध्य और दीर्घकालीन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र शासन के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में ‘पेलिएटिव केयर’ (उपशामक देखभाल) कार्यक्रम शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसी कड़ी में चंद्रपुर जिले में भी जल्द ही ‘सार्वजनिक राज्य पेलिएटिव केयर कार्यक्रम’ लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत मरीजों को केवल अस्पताल में ही नहीं, बल्कि उनके घर पर जाकर भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और वृद्धावस्था से जुड़े गंभीर एवं दीर्घकालीन रोगों से पीड़ित मरीजों को इस योजना से बड़ा सहारा मिलेगा।
कैंसर, अंतिम चरण के किडनी या लीवर रोग, स्ट्रोक, पार्किन्सन, डिमेंशिया जैसे तंत्रिका तंत्र के रोग, बिस्तर पर पड़े मरीज तथा वृद्धावस्था में गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिक इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। चंद्रपुर जिले में जल्द ही सार्वजनिक राज्य पेलिएटिव केयर कार्यक्रम लागू किया जाएगा।
पीड़ित मरीज अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल या जिला अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता या आरोग्य वर्धिनी केंद्र के समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के पास पंजीकरण कराकर घर-घर सेवा का लाभ लिया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के प्रत्येक जरूरतमंद मरीज तक यह सेवा पहुंचे और उन्हें दर्दमुक्त व सम्मानजनक जीवन मिल सके।
कई रोग पूरी तरह ठीक नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में मरीज की पीड़ा कम करना, उन्हें मानसिक व सामाजिक सहयोग देना और जीवन के अंतिम चरण में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में मदद करना ही पेलिएटिव केयर का उद्देश्य है। यह सेवा रोग की पहचान से लेकर उपचार की पूरी अवधि तक जारी रहती है।
प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी जैसे आशा वर्कर, एएनएम और सीएचओ मरीजों के घर जाकर जांच करेंगे तथा आवश्यक दवाएं और ड्रेसिंग की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। मरीज का तेज दर्द कम करने के लिए मॉर्फिन जैसी दर्दनाशक दवाएं और अन्य आवश्यक दवाएं जिला अस्पताल से उपकेंद्र स्तर तक मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह लेने के लिए ‘ई-संजीवनी’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन परामर्श की व्यवस्था की गई है। मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक सहारा देने के लिए प्रशिक्षित काउंसलर उपलब्ध रहेंगे। साथ ही ‘टेली-मानस’ हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। मरीजों की सहायता के लिए सिप्ला फाउंडेशन की ‘साथ साथ’ टोल-फ्री हेल्पलाइन सक्रिय रहेगी।