
Maharashtra Government Decision (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Government Decision: राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रहने के उद्देश्य से सरकारी ज़मीन पर हुए कब्ज़ों को लेकर एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। इससे पहले 1 जनवरी, 2021 से पूर्व हुए कब्ज़ों को नियमित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन ज़मीन की नाप, क्षेत्र की मर्यादा और अधिक जुर्माने के कारण कई प्रस्ताव तकनीकी कारणों से लंबित थे।
अब 12 जनवरी को जारी नए सरकारी निर्णय (GR) के अनुसार, ज़मीन की माप और जुर्माना लगाने के नियमों में अहम छूट दी गई है, जिससे नियमितीकरण की प्रक्रिया और अधिक सरल हो गई है।
इस फैसले से जिले के कई परिवारों को अपने घरों पर कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में स्थायित्व आएगा और वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त होगी।
ज़मीन की माप में कठिनाइयों और अधिक जुर्माने की राशि के कारण कई मामले वर्षों से लंबित थे। नए GR में इन तकनीकी अड़चनों को दूर कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आवेदन, निरीक्षण और निर्णय लेने की शर्तों में ढील दी गई है, जिससे प्रशासन के लिए भी फैसले लेना आसान होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी ज़मीन पर बने रिहायशी मकानों को अब नियमित किया जाएगा। कब्ज़े हटाने के बजाय उन्हें कानूनी मान्यता दी जाएगी। इससे हज़ारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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नियमितीकरण के बाद प्रमाणपत्र मिलने पर गृह ऋण लिया जा सकेगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, रमाई आवास योजना और शबरी घरकुल योजना जैसे सरकारी लाभ भी प्राप्त होंगे। इससे गरीब परिवारों के लिए घर बनाना और सुधार करना संभव हो सकेगा।
रहने योग्य उपयोग के लिए ज़मीन की मर्यादा बढ़ा दी गई है और जुर्माने की राशि भी कम की गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत मिलेगी। नियमितीकरण के बाद मालिकाना हक का पट्टा दिया जाएगा, जिससे घर पूरी तरह कानूनी हो जाएगा और भविष्य के विवादों से बचाव होगा।






