
बालासाहब ठाकरे की जयंती पर एकजुट(सोर्स: नवभारत)
Balasaheb Thackeray Jayanti Newa: बालासाहब ठाकरे न केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं थे, बल्कि वे पूरे महाराष्ट्र की अस्मिता, स्वाभिमान और मराठी मनुष्य की निडर आवाज के प्रतीक थे। उनके विचारों ने कई पीढ़ियों को दिशा प्रदान की, यह प्रतिपादन भाजपा नेता एड. गिरीश गोखले ने किया।
वे बालासाहब ठाकरे की जयंती के अवसर पर सातव चौक, जठारपेठ में मनसे, शिवसेना और भाजपा के कार्यकर्ताओं के संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम से राजनीतिक पक्षभेदों को भुलाकर सामाजिक एकता और एकजुटता का नजारा देखने को मिला। एड. गिरीश गोखले ने अपने भाषण में बालासाहब के विचारों की आज की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति में उपयोगिता पर जोर दिया।
“मराठी मनुष्य का स्वाभिमान जगाना, अन्याय के खिलाफ निडर होकर खड़ा होना और समाजहित को प्राथमिकता देना, यही बालासाहब की सच्ची शिक्षा है, ऐसा उन्होंने कहा। शुरुआत में बालासाहब ठाकरे की प्रतिमा को पुष्पहार अर्पित कर अभिवादन किया गया। इस दौरान उपस्थितों ने ‘बालासाहब अमर रहें’ के नारों से पूरा इलाका गूंजा दिया। कार्यक्रम में इलाके के नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। इस समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एकत्र हुए थे।
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मनसे, शिवसेना और भाजपा इन तीनों दलों के कार्यकर्ताओं ने पक्षभेद भुलाकर बालासाहब ठाकरे के विचारों को अभिवादन किया। इस एकता से इलाके में सकारात्मक संदेश गया है और सामाजिक सलोखा व पारस्परिक सौहार्द बनाए रखने की भावना और मजबूत हुई है, ऐसा नागरिकों ने बताया उपस्थित मान्यवरों ने भी बालासाहब ठाकरे के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डाला, कार्यक्रम में मनसे शहर प्रमुख सौरभ भगत, सतीश फाले, शिवसेना के आदित्य दामले, सतीश वानरे, बबलू तिवारी, अश्विन झोपे, सतनाम राहेल, गणेश शिरसाट सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।






