दुर्लभ 225 पक्षियों का शिकार, सावली वनविभाग ने 4 आरोपियों को धर दबोचा
Gadchiroli bird hunting case: सावली वन क्षेत्र में 225 दुर्लभ पक्षियों के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया। वन विभाग ने गड़चिरोली जिले के चार शिकारियों को गिरफ्तार किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
दुर्लभ 225 पक्षियों का शिकार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Chandrapur District: वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए चल रहे पक्षी सप्ताह के दौरान सावली वन क्षेत्र में दुर्लभ पक्षियों के अमानवीय शिकार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सावली वन विभाग ने इस गंभीर वारदात में गड़चिरोली जिले के 4 शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी व्याहाड उप-वन क्षेत्र के ग्राम उमरी के पास एक झील में संरक्षित प्रजाति के स्ट्रीक-थ्रोटेड स्वैलो का शिकार कर रहे थे। 5 से 12 नवंबर तक पूरे देश में पक्षी सप्ताह मनाया जाता है।
इसी पक्षी सप्ताह के दौरान बाहरी जिले के शिकारियों द्वारा दुर्लभ पक्षियों के शिकार किए जाने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपियों में लोमेश धोंडू गेडाम (34), प्रताप बालाजी जराते (45), अरविंद धोंडू गेडाम (33), मुखरू सखाराम मेश्राम (65) का समावेश है। यह सभी पारडी, तहसील, जिला गड़चिरोली के निवासी बताए जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान पकड़ाए
7 नवंबर को, जब वन अधिकारी सुबह-सुबह उमरी झील क्षेत्र में पक्षियों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी यहां कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी। तकरीबन 225 मृत पक्षियों का जखीरा देख वन विभाग के अधिकारियों की आंखे फटी की फटी रह गई। अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, शिकारियों द्वारा पकड़े गए पक्षियों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
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वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 49, 50, 51 के तहत मामला दर्ज किया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी विनोद धुर्वे द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी राजन तलमले और सहायक वन संरक्षक विकास तरसे के मार्गदर्शन में आगे की जांच की जा रही है।
जाल और शिकार के उपकरण जब्त किए
वन विभाग ने शिकारियों से शिकार में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में जाल जब्त किए, जिनमें 8 नग जाली, 5 थैले, नायलॉन की रस्सियों के 9 बंडल, 16 बांस की छड़ें, 8 लकड़ी के खूंटे, दो मोटरसाइकिलें (एमएच 33 एक्स 0113 व एमएच 33 एल 3165), पंजीकरण 5 संख्या वाले दो दोपहिया वाहन और 225 मृत पक्षी शामिल हैं।
