सड़ी सुपारी आयात के ‘मास्टर’ हैं ट्रांसपोर्टर, नागपुर में देश भर में होनेवाली स्पलाई चेन का पर्दाफाश

Rotten Betel Nut Smuggling: नागपुर में सड़ी सुपारी तस्करी का बड़ा खुलासा। क्राइम ब्रांच ने ट्रांसपोर्टर नागरिया-सिंह-चामडिया पर छापा मारकर नेटवर्क बेनकाब किया। प्रतिबंधित माल की सप्लाई उजागर।
Rotten Betel Nut Smuggling: नागपुर में सड़ी सुपारी तस्करी का बड़ा खुलासा। क्राइम ब्रांच ने ट्रांसपोर्टर नागरिया-सिंह-चामडिया पर छापा मारकर नेटवर्क बेनकाब किया। प्रतिबंधित माल की सप्लाई उजागर।
सड़ी सुपारी तस्करी (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
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Nagpur Crime Branch: गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने शानदार निशाना लगाया। शहर के प्रमुख ट्रांसपोर्टरों को अपने कब्जे में किया। यह अलग बात है कि इस बार सड़ी सुपारी की खेप कम मिली। मोरयानी ट्रांसपोर्ट के संचालक अनूप नागरिया के यहां इससे पहले 5 करोड़ रुपये का माल पकड़ा गया था। उस वक्त पकड़ा गया माल वर्षों तक सीलबंद था और फिर अचानक माल पर लोगों ने हाथ साफ कर लिए थे।

यह अलग बात है कि एफडीए ने इसकी जांच को ठंडे बस्ते में डाल दी थी। क्राइम ब्रांच ने जिन 3 लोगों पर छापेमारी की है, उन्हें विदेश से सुपारी नागपुर या संपूर्ण देश में सप्लाई करने का ‘मास्टर’ के रूप में देखा जाता है। इसमें एक नाम और भी चौंकाने वाला है। सत्ताधारी पार्टी से संबंध रखने वाले ‘शिव’ भक्त ‘सिंह’ भी इस बार चपेट में आ गए हैं।

पूरे देश में स्पालई का स्त्रोत

नागरिया, सिंह और चामडिया तीनों मिलकर पूरे देश में सड़ी सुपारी का सप्लाई करने वाले प्रमुख श्रोत हैं। इन पर डीआरआई और ईडी जैसी एजेंसियों ने भी कार्रवाई पूर्व में की हैं। गुप्त सूचना के आधार पर भले ही विभाग ने एफडीए के साथ मिलकर कार्रवाई की हो लेकिन इससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि नागपुर में बड़े पैमाने पर अब भी सुपारी का आयात किया जा रहा है। बांग्लादेश, असम के जरिए सुपारी बुलाने का काम ये ट्रांसपोर्टर कर रहे हैं। कारोबारियों को इन ट्रांसपोर्टरों पर भरपूर भरोसा है। ये ट्रांसपोर्टर कारोबारियों को सही सलामत माल पहुंचाने का पूरा भरोसा भी देते हैं, इसलिए इनका कारोबार दिन दोगुना रात चौगुना चमक रहा है।

सरहद में अनुपम है गठजोड़

सूत्रों की मानें तो इन ट्रांसपोर्टर कंपनियों की देश के सरहदों पर अनुपम गठजोड़ है। कई बार यह भी खबर सामने आई है कि ‘बाहुबली’ के बल पर ये सरहद में कुछ भी काम करा सकते हैं। सुपारी की आड़ में कई अन्य ‘प्रतिबंधित’ वस्तुओं के आयात में भी ये ‘मास्टर’ बन चुके हैं।

सुपारी दिखाकर उसमें लाल चंदन सहित कई अन्य वस्तुओं को दूसरे देश से लाने का काम यही लोग कर रहे हैं। इसके लिए तस्करों से संबंध भी उजागर होने की खबर आई थी। डीआरआई ने इस संबंध में छानबीन भी की थी। ईडी तक मामला पहुंच गया था परंतु कोर्ट में मामला जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में पहुंच गया है।

ट्रांसपोर्टरों का सिंडिकेट

पिछले कई वर्षों से देखा जा रहा है कि सुपारी तस्करी में ट्रांसपोर्टरों का बहुत बड़ा सिंडिकेट है। इन्हीं सिंडिकेट के जरिए कारोबारी सुपारी सहित कई तरह से माल स्मगलिंग कर रहे हैं। चेन्नई, दिल्ली, मुंबई के डीआरआई ने भी कई बार छापेमारी की है और मामले को उजागर किया है।

सुपारी बुलाने के लिए भी कई तरह के हथकंडे ऐसे ट्रांसपोर्टर आजमा रहे हैं। पिछले दिनों संभाजीनगर में भी 4 करोड़ की सुपारी पकड़ी गई थी लेकिन बिल्टी में कहीं भी सुपारी का उल्लेख नहीं था। सुपारी को गुटखा फैक्टरी भेजा जा रहा था। यह माल नागपुर होकर ही कानपुर तक पहुंच रहा है। सूरत भी एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

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