पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
Desi Cow Research Center Pune: ‘अजित दादा पवार देशी गाय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र’ का नामकरण करते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सोलर ऊर्जा, और बायोगैस को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
देसी गाय अनुसंधान केंद्र (सौ. सोशल मीडिया )
Sunetra Pawar Desi Cow Research Center Pune: राहुरी के महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र’ का नामकरण उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा किया गया।
अपने भाषण में उन्होंने मुख्य मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि सतत विकास के लक्ष्यों को सामने रखकर केंद्र को मजबूत किया जाए। उन्होंने अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग, सोलर पैनल से बिजली उत्पादन, स्वच्छता प्रबंधन, दुग्ध उप-उत्पादों के निर्माण और महिला किसानों को विशेष प्रशिक्षण देकर रोजगार बढ़ाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने केंद्र में देशी गायों के वैज्ञानिक संरक्षण, नस्ल सुधार और अनुसंधान कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
सोलर पैनल लगाने व गोबर के उचित प्रबंधन का दिया सुझाव
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए परिसर में सोलर पैनल लगाने और गोबर के उचित प्रबंधन द्वारा स्वच्छता बनाए रखने का सुझाव दिया। साथ ही, गायों के लिए पर्याप्त चारा-पानी सुनिश्चित करने, दूध से बाय-प्रोडक्ट्स बनाने और प्रशिक्षण के जरिए ग्रामीण युवाओं व विशेषकर महिला किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को एक नई दिशा मिल सके। इस अवसर पर तुषार पवार और कुलपति डॉ। विलास खर्चे उपस्थित थे।
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आज ‘अजितदादा पवार देशी गाय संशोधन व प्रशिक्षण केंद्रा’ला भेट देत सुरू असलेल्या विविध विकासकामांची पाहणी केली तसेच प्रकल्पाच्या कामाच्या प्रगतीचा सविस्तर आढावा घेतला. गेल्या चार वर्षांत देशी गोवंशाच्या संवर्धन आणि संशोधन क्षेत्रात उल्लेखनीय कामगिरी करत एक नवा आदर्श निर्माण… pic.twitter.com/bKat0PzPtm — Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) May 15, 2026
बायोगैस और अनुसंधान से किसानों को मिल रहा मार्गदर्शन
मुख्य वैज्ञानिक डॉ। सोमनाथ माने ने केंद्र की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईंधन की कमी के इस दौर में कई किसान इस केंद्र का दौरा कर रहे हैं और यहां के बायोगैस प्रोजेक्ट से प्रेरणा लेकर अपने छोटे-छोटे प्रोजेक्ट स्थापित कर रहे है।
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यह केंद्र किसानों, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान कर रहा है। केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए एक सच्चे मार्गदर्शक के रूप में काम कर रहा है, जिससे आधुनिक पशुपालन और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
