वन विभाग को मिली बड़ी सफलता, मादा बाघ को सोमनाथ परियोजना क्षेत्र से किया काबू

Forest Department: चंद्रपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से बाघिन के दहशत का माहौल था। वन विभाग ने हमलावर बाघिन को पकड़ने में मंगलवार को सफलता हासिल की।
Forest Department: चंद्रपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से बाघिन के दहशत का माहौल था। वन विभाग ने हमलावर बाघिन को पकड़ने में मंगलवार को सफलता हासिल की।
वन विभाग ने मादा बाघिन को पकड़ा (सौजन्य-नवभारत)
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Chandrapur News: चंद्रपुर जिले में पिछले सप्ताह पति की उपस्थिति में पत्नी पर हमला करके उसे मार डाला था। उसी बाघिन को पकडने में वनविभाग को सफलता मिली है। मंगलवार 16 सितम्बर की शाम 7.30 बजे तहसील के सोमनाथ परियोजना फार्म सर्वे क्रमांक 2 में, वन अधिकारियों, ताडोबा अंधारी बाघ परियोजना के पशु चिकित्सा अधिकारियों और रैपिड एक्शन फोर्स की एक टीम ने मादा बाघ को पकड़ा।

8 सितंबर को मूल वन क्षेत्र कार्यालय के अंतर्गत आने वाले मारोडा उप-क्षेत्र में सोमनाथ परियोजना की शांतिसदन कॉलोनी में, एक बाघ ने पति की सामने ही पत्नी पर हमला किया और उसे 20 मीटर तक उठाकर ले गया। मादा बाघ ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया था। कई लोगों ने बाघ को पकड़ने की मांग की थी।

उपचार के लिए बाघिन को भेजा

इसी बीच 16 सितंबर को शाम 7.30 बजे ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व, बफर चंद्रपुर मूल वन क्षेत्र, उप-क्षेत्र मारोडा, निर्दिष्ट क्षेत्र मारोडा-2, सोमनाथ परियोजना में वन अधिकारी, ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ रविकांत खोबरागड़े और रैपिड एक्शन फोर्स की एक टीम ने उक्त बाघिन को पकड़ लिया है। मौके पर पंचनामा करने के बाद उक्त बाघिन को चंद्रपुर के प्राथमिक उपचार केंद्र में ले जाया गया।

इस समय सहायक वन संरक्षक एस. यू. वाठोरे, मूल वन क्षेत्र अधिकारी आर. डी. शेंडे, ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविकांत खोबरागड़े, रैपिड एक्शन फोर्स टीम, पुलिस कांस्टेबल अजय मराठे, क्षेत्र सहायक आर. सी. पेडापल्लीवार, मूल क्षेत्र सहायक आर. सी. धुडसे, जानाला क्षेत्र सहायक थेरे, बी.जे. वड्डे, मसराम, पांढरे, दुधे, खोबरागड़े, बुरांडे, चंकापुरे, जेंगठे, कुलमेथे, करकाडे और बाघ संरक्षण बल की एक टीम उपस्थित थी।

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