विपक्ष के अदालत जाने पर भी जनादेश ही सर्वोपरि, निकाय चुनाव में निर्विरोध जीत पर मुख्यमंत्री का बयान
Devendra Fadnavis: चंद्रपुर में रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निकाय चुनावों में निर्विरोध जीत को लेकर विपक्ष अदालत जाए, तब भी जनता का जनादेश ही सर्वोपरि रहेगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Chandrapur road show: चंद्रपुर में रोड शो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Road Show: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि भले ही विपक्षी दल नगर निकाय चुनावों में ‘महायुति’ उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख करें, लेकिन जनता का जनादेश ही सर्वोपरि रहेगा।
राज्यभर में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और उसके ‘महायुति’ सहयोगियों ने अब तक 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए धमकियों और धनबल का इस्तेमाल किया।
उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को अदालत में चुनौती ?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह ‘महायुति’ उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को अदालत में चुनौती देगी।चंद्रपुर में एक रोड शो के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “वे बेशक अदालत जा सकते हैं, लेकिन जनता की अदालत ने हमें चुना है। भले ही विपक्ष अदालत जाए, जनादेश अदालत में भी मान्य रहेगा।”
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उन्होंने यह भी कहा कि कई निर्दलीय और मुस्लिम उम्मीदवार भी निर्विरोध चुने गए हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा, “विपक्ष उनके बारे में बात क्यों नहीं कर रहा? क्योंकि वे अपनी हार स्पष्ट रूप से देख सकते हैं और अब बहाने ढूंढ़ रहे हैं।”
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चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्विरोध सीटों की संख्या बढ़ने से चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि सत्तारूढ़ पक्ष इसे संगठनात्मक मजबूती और जनसमर्थन का परिणाम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहा है। ऐसे में यदि यह मामला अदालत तक जाता है, तो राज्य निर्वाचन प्रक्रिया और भविष्य के निकाय चुनावों की दिशा पर इसका दूरगामी असर पड़ सकता है।
