महाराष्ट्र में वीबी-जी राम जी योजना का रोडमैप तैयार, मिलेगी 125 दिन रोजगार और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार
CM On VB Ramji Yojana: मुंबई में आयोजित कार्यशाला में वीबी-जी राम जी योजना का रोडमैप पेश किया गया। योजना से ग्रामीण विकास, 125 दिन रोजगार, फेशियल रिकग्निशन हाजिरी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
CM देवेंद्र फडणवीस और मंत्री भरत गोगावले (फोटो नवभारत)
CM On VB Ramji Yojana Rural Development: मुंबई के विधान भवन में ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2026’ यानी ‘ वीबी-जी राम जी’ कानून पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि ‘वीबी – जी राम जी’ योजना ग्रामीण विकास को नई गति देगी और इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र उत्थान संभव होगा। कार्यशाला में योजना के सुचारू क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रोडमैप साझा किया गया।
रोजगार गारंटी योजना मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना को लागू करने में रिकॉर्ड 8 दिनों के भीतर अधिसूचना जारी कर स्वतंत्र अकाउंट हेड तैयार किया है।
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उन्होंने बताया कि राज्य की ‘मातोश्री पाणंद रस्ते योजना’ आज देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है। इस नई योजना के जरिए राज्य के आखिरी छोर पर मौजूद व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जाएगा।
पारदर्शिता के लिए चेहरा पहचान प्रणाली
केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे ने बताया कि 1 जुलाई से देशभर में लागू इस कानून में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी क्रमशः 60 और 40 प्रतिशत होगी।
योजना में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजदूरों की उपस्थिति अब ‘चेहरा पहचान प्रणाली’ (फेशियल रिकग्निशन) से ली जाएगी, जो दुर्गम इलाकों में इंटरनेट न होने पर भी ऑफलाइन काम कर सकती है। प्रत्येक ग्राम पंचायत अगले पांच वर्षों के लिए अपना स्वतंत्र विकास ढांचा तैयार करेगी और सभी कार्यों का सोशल ऑडिट किया जाएगा।
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ग्रामीण रोजगार दिवस 125 तक बढ़े
ग्रामीण जनता को अधिक आर्थिक मजबूती देने के लिए इस योजना के तहत रोजगार के दिनों में 25 दिनों की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब यह कुल 125 दिन हो गया है। इसके अलावा मुख्य कृषि सीजन के दौरान श्रमिकों को राहत देने के लिए 60 दिनों का अवकाश देने का भी एक दूरगामी निर्णय लिया गया है।
इस योजना में कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रेणी के कुल 318 कार्यों को शामिल किया गया है, जिसमें जल संरक्षण के लिए 107 और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 88 कार्य तय किए गए हैं।
