CM Fadnavis Go To Delhi: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा गूंज रहा है, क्या देवेंद्र फडणवीस दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाले हैं? राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि फडणवीस को जल्द ही केंद्र की राजनीति में कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। भाजपा के भीतर उन्हें प्रधानमंत्री पद के भविष्य के एक अत्यंत योग्य दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र की सत्ता के शीर्ष पर बैठे फडणवीस को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि उनके केंद्र में जाने से राज्य में नए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ होगा। हालांकि, इन सभी अटकलों और चर्चाओं पर अब भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्णविराम लगा दिया है।
चंद्रशेखर बावनकुले ने हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन चर्चाओं को आधारहीन आकलन और अफवाह करार दिया है। बावनकुले ने स्पष्ट किया कि जो खबरें फैलाई जा रही हैं, उनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। उनके अनुसार, यह केवल राजनीति में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
बावनकुले ने देवेंद्र फडणवीस की प्रशंसा करते हुए उन्हें महाराष्ट्र का इन्फ्रामैन संबोधित किया। उन्होंने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि यह केवल उनकी निजी राय नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की 14 करोड़ जनता की भावना है कि देवेंद्र फडणवीस साल 2034 तक मुख्यमंत्री बने रहें। बावनकुले का मानना है कि 'विकसित महाराष्ट्र' के संकल्प को पूरा करने के लिए फडणवीस का विजन और उनका नेतृत्व राज्य के लिए अनिवार्य है।
इस चर्चा के दौरान बावनकुले ने उन नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खुद को देख रहे हैं। उन्होंने साफ लहजे में कहा, मुख्यमंत्री बनने की किसी को भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। यह बयान उन अटकलों को शांत करने के लिए दिया गया है जिनमें कहा जा रहा था कि फडणवीस के जाने के बाद राज्य की कमान किसे सौंपी जाएगी। चंद्रशेखर बावनकुले ने जोर देकर कहा कि सूर्य के प्रकाश की तरह यह सत्य है कि राज्य के विकास के लिए फडणवीस का पद पर बने रहना जरूरी है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फडणवीस के पास वह प्रशासनिक अनुभव और सांगठनिक कौशल है जो उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बनाता है, लेकिन वर्तमान में भाजपा उन्हें महाराष्ट्र की धुरी मानकर चल रही है। बावनकुले के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल महाराष्ट्र के साथ कोई प्रयोग करने के मूड में नहीं है और फडणवीस का ध्यान पूरी तरह से राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर केंद्रित रहेगा। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है, लेकिन बावनकुले ने अपनी ओर से स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है कि 2034 तक इन्फ्रामैन देवेंद्र फडणवीस ही राज्य की कमान संभालेंगे।