
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election 2026: नासिक मनपा चुनाव 2026 के लिए नामांकन वापसी के अंतिम दिन सिडको डिवीजन के प्रभाग क्रमांक 25 और 29 में जो अभूतपूर्व हंगामा और भ्रम की स्थिति पैदा हुई, उसने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है।
इस पूरे मामले की गूंज अब मुंबई में मंत्रालय तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सघन जांच के आदेश जारी किए हैं।
‘एबी फॉर्म’ के वितरण में हुई कथित गड़बड़ी और पार्टी के भीतर पुराने प्रतिद्वंद्वियों, सुधाकर बडगुजर और मुकेश शहाणे के बीच बढ़ते विवाद ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पार्टी के भीतर अनुशासन सर्वोपरि है। जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुधाकर बडगुजर के पास एक साथ चार एबी फॉर्म कैसे पहुंचे? क्या यह किसी तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम था या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साजिश है? नामांकन वापस लेने के लिए किसे और किसके अधिकार से निर्देश दिए गए? इसकी पूरी कड़ियां जोड़ी जाएंगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस और प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण खुद इस बात की पड़ताल करेंगे कि किन पदाधिकारियों ने पार्टी गाइडलाइन्स को ताक पर रखकर कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम फैलाया।
शुक्रवार को सिडको विभागीय कार्यालय में नामांकन वापसी के अंतिम दिन फिल्मी ड्रामे जैसा माहौल रहा। भाजपा की पूर्व पार्षद हर्षा बडगुजर और उनके बेटे दीपक बडगुजर ने प्रभाग 25 से अपने पर्चे वापस लेकर पार्टी को राहत तो दी, लेकिन प्रभाग 29 का पेंच अभी भी फंसा हुआ है:
दीपक बडगुजर ने प्रभाग 29 से अपनी दावेदारी बरकरार रखी है और वे भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकेंगे।
दूसरी ओर, भाजपा के ही कद्दावर नेता मुकेश शहाणे ने निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) मैदान में उत्तरकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जंग छेड़ दी है। इस बगावत ने मुकाबले को रोचक और त्रिकोणीय बना दिया है, जिसका सीधा असर वोट बैंक पर पड़ना तय है।
वर्तमान में दोनों प्रभागों में उम्मीदवारों की स्थिति इस प्रकार हैः प्रभाग 25: सुधाकर भिकाजी बडगुजर और साधना मटाले आधिकारिक प्रत्याशी हैं, जबकि भाग्यश्री ढोमसे और प्रकाश अमृतकर को पार्टी का पुरस्कार (समर्थन) प्राप्त है। प्रभाग 29: यहां दीपक बडगुजर, भूषण राणे, डॉ. योगिता हिरे और छाया देवांग भाजपा के मुख्य चेहरे हैं, जिन्हें मुकेश शहाणे की निर्दलीय चुनौती का सामना करना होगा।
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भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद यह साफ कर दिया गया है कि चुनाव में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता सहन नहीं की जाएगी। अब पूरे नासिक की नजरें मुख्यमंत्री की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस ‘फॉर्म कांड’ के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करेगी।






