अमरावती: होली से पहले बाजारों में रंगों की बहार, बच्चों की पसंद बनी कार्टून और टैंक मॉडल पिचकारियां

Holi News: 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को होली है बाजारों में कार्टून और टैंक पिचकारियों की धूम है। परीक्षाओं के बावजूद बच्चों में उत्साह है और लोग केमिकल मुक्त हर्बल रंगों को प्राथमिकत दे रहे हैं।
Holi preparations in Amravati peak with Holika Dahan on March 2. Markets are flooded with cartoon-themed water guns and herbal colors. Parents prioritize child safety and skin-friendly products.
होली से पहले बाजारों में रंगों की बहार (फोटो- सोशल मीडिया)
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Amravati Holi Market 2026 News: आगामी 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को रंगपंचमी यानी होली का पर्व मनाया जाएगा। त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्य बाजार, मोची गली और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में रंग-बिरंगी पिचकारियों और गुलाल की दुकानों ने ग्राहकों को आकर्षित करना शुरू कर दिया है। हालांकि स्कूलों की परीक्षाएं जारी होने के कारण भीड़ अभी नियंत्रित है, लेकिन दुकानदारों का मानना है कि परीक्षा समाप्त होते ही बिक्री में जबरदस्त तेजी आएगी।

बच्चों की पसंद बनी कार्टून और टैंक मॉडल पिचकारी इस वर्ष बाजार में बच्चों के लिए कई नए और आकर्षक डिजाइन उपलब्ध हैं। कार्टून थीम वाली पिचकारियां, टैंक मॉडल, प्रेशर पंप पिचकारी और बैकपैक टंकी पिचकारी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। छोटे बच्चों के लिए हल्की और हाथ में पकड़ने वाली छोटी पिचकारियां भी खूब बिक रही हैं। सुपरहीरो और एनिमेशन पात्रों से सजी पिचकारियां बच्चों को खासतौर पर लुभा रही हैं। शाम के समय माता-पिता के साथ खरीदारी करने पहुंचे बच्चों की उत्सुकता देखते ही बनती है।

सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष जोर अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस बार दुकानदारों ने सुरक्षित डिजाइन को प्राथमिकता दी है। नुकीले किनारों या सख्त प्लास्टिक वाली पिचकारियों से परहेज किया जा रहा है। मुलायम, मजबूत और टिकाऊ प्लास्टिक से बनी पिचकारियां अधिक मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। विक्रेताओं का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ग्राहक गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उत्पादों की जांच भी की जा रही है।

हर्बल रंगों की बढ़ती मांग

होली के अवसर पर रंगों की खरीदारी भी शुरू हो गई है। इस बार हर्बल और स्किन-फ्रेंडली रंगों की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दुकानदार पिचकारियों के साथ आकर्षक पैकेज ऑफर भी दे रहे हैं, जिसमें हर्बल गुलाल और प्राकृतिक रंग शामिल हैं। कई ग्राहक केमिकल युक्त रंगों से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्प चुन रहे हैं। इससे बाजार में पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ी है।

होली त्योहार से पहले छोटे बच्चों में उत्साह छाया

हालांकि परीक्षाएं जारी है, फिर भी बच्चों में होली को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। कई बच्चे पहले से ही अपनी पसंद की पिचकारी चुनकर घर ले जा रहे हैं। बाजारों में रंगों की चहल-पहल और दुकानों की सजावट ने माहौल को उत्सवमय बना दिया है, इस बार होली की तैयारियों ने शहर में पहले ही रंगों सी मुस्कान बिखेर दी है और सभी को पर्व का बेसब्री से इंतजार है।

हर बजट में उपलब्ध पिचकारियां

बाजार में 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की विभिन्न रेंज की पिचकारियां उपलब्ध हैं। कम बजट वाले परिवारों के लिए सस्ती और साधारण पिचकारियां हैं, जबकि आकर्षक डिजाइन और बड़े टैंक वाली पिचकारियां ऊंची कीमत पर बिक रही हैं। इस विविधता के कारण हर वर्ग के लोग अपनी सुविधा अनुसार खरीदारी कर पा रहे हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ेगी।

मुख्य पिचकारी प्रकार

पिचकारी का प्रकार मुख्य आकर्षण अनुमानित बजट
कार्टून थीम सुपरहीरो और एनिमेशन पात्र ₹100 - ₹350
बैकपैक टंकी कंधे पर टांगने वाली बड़ी टंकी ₹250 - ₹500
प्रेशर पंप लंबी दूरी तक पानी की बौछार ₹150 - ₹400
टैंक मॉडल फौजी टैंक जैसे मजबूत डिजाइन ₹200 - ₹450
छोटी पिचकारी छोटे बच्चों के लिए हल्की और सस्ती ₹50 - ₹150
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