VBA को अंधेरे में रखा! सुबह 9 बजे संपर्क में थे पार्षद, 10 बजे फोन बंद; शिवसेना UBT की दोहरी चाल पर उठे सवाल

Chandrapur Municipal Corporation Mayor Politics: चंद्रपुर महानगरपालिका के चुनाव परिणामों के बाद सत्ता समीकरणों ने नाटकीय मोड़ ले लिया। VBA के तत्कालीन शहर अध्यक्ष स्नेहल रामटेके ने UBT पर आरोप लगाया।
VBA's Snehal Ramteke alleges Shiv Sena (UBT) kept them in the dark about supporting BJP in Chandrapur Mayor polls.
चंद्रपुर महानगरपालिका (फाइल फोटो)
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Chandrapur Politics: वंचित बहुजन आघाडी के तत्कालीन शहर अध्यक्ष स्नेहल रामटेके ने यहां आरोप लगाया कि, मनपा में सत्ता स्थापन करने हेतु भाजपा के साथ जाने की बात शिवसेना (यूबीटी) ने अंतिम क्षणों तक छुपा कर रखी थी। रामटेके ने बताया कि, वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने पार्टी के दोनों स्थानीय पार्षदों को हर बार यही निर्देश दिए थे कि उन्हें हर हाल में कांग्रेस के साथ ही बने रहना है, किसी भी सूरत में भाजपा को न ही समर्थन देना है और ना ही उनके साथ सत्ता में शामिल होना है।

स्नेहल रामटेके ने आगे बताया कि,पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जयदीप खोबरागड़े तथा वरिष्ठ नेता कुशल मेश्राम पार्टी के दोनों स्थानीय नेताओं के निरंतर संपर्क में रहकर उन्हें कांग्रेस के साथ ही बने रहने की पार्टी नेता आंबेडकर की भूमिका से अवगत कराते रहे थे। उन्होंने बताया कि, शिवसेना (यूबीटी) के 6 पार्षदों के साथ गुट में शामिल होने के बाद पार्टी के पार्षदों ने भी प्रकाश आंबेडकर को यही भरोसा दिलाया था कि, वे चंद्रपुर मनपा में कदापि भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।

संपर्क में थे पार्षद

उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि, इस पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भाजपा को साथ देने के उनके निर्णय से वंचित बहुजन आघाडी को अंधेरे में रखा। वे हरदम यही बताते रहे कि, उनकी सत्तास्थापना को लेकर कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार से बात चल रही है। कांग्रेस के साथ उनकी क्या बात हो रही है, यह भी शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय पदाधिकारी वंचित बहुजन आघाडी से छुपाते रहे। उन्होंने कहा कि, जिस दिन महापौर चुनाव था उस दिन सुबह 9 बजे तक वंचित बहुजन आघाडी के उनके दोनों पार्षद पार्टी के स्थानीय नेताओं से संपर्क में थे किंतु सुबह 10 बजे के बाद से दोनों पार्षदों के मोबाइल स्विच ऑफ आने लगे। हम पदाधिकारी सभी यही सोच रहे थे कि, मनपा सभागार में उनकी पार्टी के दोनों पार्षद कांग्रेस के पक्ष में ही मतदान करेंगे लेकिन दोनों पार्षद मतदान के वक्त नदारद पाए गए।

पार्षदों को भूमिका से संबंध नहीं

तब से अब तक दोनों पार्षद स्पष्टीकरण देने सामने नहीं आये है। अब वे दोनों पार्टी के स्थानीय नेताओं से बात करने में कतरा रहे है। उन्होंने कहा कि,पार्टी के आदेशों का उल्लंघन करते हुए भाजपा को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने की वंचित बहुजन आघाडी के पार्षदों की भूमिका से क्षुब्ध होकर पार्टी की प्रदेश इकाई ने उन्हें पार्टी के शहर अध्यक्ष पद से पदच्युत किया है।

जबकि भाजपा को साथ देने की उनके पार्षदों की भूमिका से उनका कोई संबंध नहीं है। इस संदर्भ में वे दो दिनों में पार्टी अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर से मुलाकात कर उन्हें सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराने वाले है।

असमंजस में नदारद रहीं थी वंचित

उल्लेखनीय है कि, कुल 66 सदस्यीय चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस गठबंधन के 30, भाजपा गठबंधन के 24 पार्षद होने से किसी को भी बहुमत हासिल नहीं हुआ था। यहां शिवसेना (यूबीटी) के 6, वंचित बहुजन आघाडी के 2, एमआईएम तथा बसपा एक एक एक पार्षद के साथ 2 निर्दलीय पार्षद है।

महापौर, उपमहापौर चुनाव के दौरान वंचित बहुजन आघाडी के दोनों पार्षद मतदान के लिए उपस्थित नहीं रहे, इस चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया, फलस्वरूप यहां कांग्रेस गठबंधन की महापौर प्रत्याशी सिर्फ एक वोट से पराजित हुई। महापौर चुनाव में एमआईएम के पार्षद ने भी तटस्थता की भूमिका अपनाई थी।

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