मंत्री पद क्या चाटने के लिए है? भूखंड मामले में गणेश नाईक ने क्यों लिया एकनाथ शिंदे का नाम, बोले- शर्म आती है

Ganesh Naik vs Eknath Shinde: नवी मुंबई के कद्दावर नेता और भाजपा के वरिष्ठ मंत्री गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
BJP Minister Ganesh Naik launches a fierce attack on CM Eknath Shinde over Navi Mumbai land deals.
एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Updated on

Navi Mumbai Plot Controversy: महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्री गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्रीपद चुप रहने के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने के लिए होता है। मंत्रीपद क्या चाटने के लिए है? यह टिप्पणी नाईक ने महापालिका चुनाव के बाद उभरे विवाद को लेकर की, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।

गणेश नाईक ने एकनाथ शिंदे सरकार पर नवी मुंबई के भूखंडों को बिल्डरों के हाथों में देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन भूखंडों को नवी मुंबईकरों के लिए सार्वजनिक उपयोग में लाने के बजाय, दलालों और बिल्डरों के पास भेजा जा रहा है। यह आरोप उन्होंने खुले तौर पर शिंदे सरकार पर लगाया।

गणेश नाईक ने अपने विरोधी उपमुख्यमंत्री शिंदे को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मेरे मंत्रीमंडल में नगरविकास मंत्रालय के ऐसे कृत्य पर मुझे शर्म आती है। अगर मेरा गुस्सा शांत करना है, तो नवी मुंबई के सभी भूखंड वापस किए जाएं, क्योंकि ये भूखंड जनता के हैं और उन्हें जनता को ही मिलने चाहिए।

...तो मंत्री पद किस काम का

नाईक ने यह भी कहा कि वह मंत्री होते हुए भी पार्टी अनुशासन के तहत चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मैं जनता के लिए नहीं बोल सका, तो मंत्री पद का कोई मतलब नहीं है। इस बयान के बाद, नाईक और शिंदे के बीच संघर्ष और भी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। गणेश नाईक, जो 30-35 वर्षों से ठाणे जिले में भाजपा का मजबूत आधार बना रहे हैं, ने लगातार एकनाथ शिंदे के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाया है।

उनका दावा है कि शिंदे सरकार नवी मुंबई के विकास में बाधा डाल रही है। गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे के बीच यह राजनीतिक संघर्ष अब और भी गहरा होने की संभावना है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच विवाद में लगातार तीव्रता आ रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com