बकायेदारों के खिलाफ पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका की बड़ी कार्रवाई, इतनी संपत्तियां हुई जब्त

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पिंपरी: संपत्ति कर (Property Tax) का बकाया वसूलने के लिए पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) के कराधान और कर संग्रहण विभाग की ओर से बकाया संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करना शुरू कर दिया है। पिछले माह में कराधान और कर संग्रहण विभाग ने 31 हजार 971 संपत्तिधारकों, जिन पर 631 करोड़ रुपए का कर बकाया है, को नोटिस (Notice) जारी की थी। इस कड़ी में शुरू की गई मुहिम के तहत महानगरपालिका ने 40 रिहायशी सहित 153 संपत्ति धारकों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की। हालांकि इनमें से 58 संपत्ति धारकों ने तत्काल 3 करोड़ 58 लाख 71 हजार 339 रुपए के बकाए का भुगतान कर दिया हैं।

पिंपरी-चिंचवड शहर में 5 लाख 79 हजार संपत्तियां दर्ज हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब तीन सौ करोड़ का टैक्स चुकाया जा चुका है। कर संग्रहण का कार्य महानगरपालिका के 17 संभागीय कार्यालयों के माध्यम से किया जाता है। पिछले साल कर संग्रहण विभाग ने 625 करोड़ टैक्स जमा किया था। इस वर्ष के बजट में विभाग के लिए 1000 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया है। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए कर संग्रह विभाग लगातार नई-नई योजनाओं को लागू कर रहा है। 

कर विभाग ने 'मेरी संपत्ति, मेरा कर निर्धारण' योजना शुरू की

शहर में अधिकतम संपत्ति कर के अधीन लाने के लिए कर संग्रह विभाग ने 'मेरी संपत्ति, मेरा कर निर्धारण' योजना शुरू की। बड़ी संख्या में संपत्तियां इस योजना के दायरे में आ गई हैं। इसके साथ ही जनसंवाद की तर्ज पर महीने के आखिरी शनिवार को कर संवाद सभा का भी आयोजन किया जा रहा हैं।

 महानगरपालिका कमिश्नर खुद कर रहे कार्रवाई की निगरानी

निर्धारित बजटीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए कम से कम 85 प्रतिशत संपत्ति कर वसूली की चाहिए। इस समग्र स्थिति को देखते हुए यह तय है कि शेष साढ़े पांच माह में जब्ती अभियान और तेज हो जाएगा। एक बार जब्त होने के बाद, संपत्ति के मालिकों को संपत्ति कर के लगभग 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है जिसमें वारंट शुल्क, जुर्माना आदि शामिल है। इसलिए, जब्ती कार्रवाई होने से पहले कर का भुगतान करना नागरिकों के लिए अधिक फायदेमंद होगा। जब्ती की कार्यवाही की निगरानी स्वयं महानगरपालिका कमिश्नर शेखर सिंह कर रहे हैं। अपर आयुक्त प्रदीप जंभाले-पाटिल ने हाल ही में सभी संभागीय अधिकारियों और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्होंने जब्ती की सारी प्लानिंग कराधान और कर संग्रहण विभाग को कर दी है। इन सभी गतिविधियों पर कमिश्नर की पैनी नजर है। कुल मिलाकर महानगरपालिका इस साल के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शहर में तीन लाख से अधिक फ्लैट धारक 

शहर में तीन लाख से अधिक फ्लैट धारक हैं। आंकड़ों से साफ है कि अभी तक केवल पचास फीसदी फ्लैट धारकों ने ही टैक्स का भुगतान किया है। इनमें 31 मार्च, 2022 तक लगभग 35 प्रतिशत फ्लैट धारकों का बकाया है। यानी उन पर दो साल से ज्यादा का कर बकाया है। पिछले साल सिर्फ 65 फीसदी प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स का भुगतान किया था। उस वक्त कुल 632 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। इस वर्ष 1,000 हजार करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कराधान और कर संग्रहण विभाग बकाया संपत्ति मालिकों के आंकड़े लगातार जुटा रहा है। डेटा शहर के उन क्षेत्रों से एकत्र किया गया है जहां सबसे अधिक डिफॉल्टर हैं। 

58 बकायेदारों ने किया साढ़े 3 करोड़ के कर का भुगतान

192 संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। इनमें से 153 संपत्तियों को जब्त कर सील कर दिया गया। संपत्ति जब्त होते ही 58 संपत्ति मालिकों ने तत्काल 3 करोड़ 58 लाख 71 हजार 339 रुपए कर का भुगतान दिया। संपत्ति जब्त करने के बाद भी यह बात सामने आई है कि कुछ लोग टैक्स नहीं भर रहे हैं। सहायक आयुक्त नीलेश देशमुख ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि कर नहीं चुकाने वाले संपत्ति मालिकों की संपत्ति जब्त करने के 21 दिन के भीतर नीलाम कर दी जाएगी।

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