मीरा-भाईंदर में प्रॉपर्टी टैक्स में 60% की भारी बढ़ोतरी, मनपा की पहली आमसभा में गरमाई राजनीति

Mira-Bhayander News: मीरा-भाईंदर मनपा की पहली आमसभा में हंगामा! टीपू सुल्तान चौक का नाम अब 'शहीद अशफाक उल्ला खान' होगा। वहीं, प्रॉपर्टी टैक्स में 60% वृद्धि से जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ।
Mira-Bhayander property tax hike
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mira-Bhayander Property Tax Hike: ठाणे जिले की मीरा-भाईंदर मनपा की पहली आमसभा बुधवार को राजनीतिक रूप से बेहद अहम साबित हुई। सत्ताधारी भाजपा ने अपने बहुमत के दम पर सभी प्रमुख प्रस्ताव पारित करा लिए, सबसे अधिक चर्चा और संभावित हंगामे का विषय रहा मीरारोड पूर्व स्थित टीपू सुल्तान चौक का नाम परिवर्तन, आखिरकार सदन ने मतदान के बाद इस चौक का नाम बदलकर शहीद अशफाक उल्ला खान के नाम पर रखने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया। हालांकि इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना ने शुरुआती विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस के गुट नेता जय ठाकुर ने नाम परिवर्तन के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए सदन में अपनी बात रखी। बाद में विपक्ष की ओर से टीपू सुल्तान चौक का नाम खान अब्दुल गफ्फार खान के नाम पर रखने का वैकल्पिक प्रस्ताव भी सामने आया। दोनों प्रस्तावों पर मतदान हुआ, जिसमें शहीद अशफाक उल्ला खान के नाम को बहुमत का समर्थन मिला और उसी पर अंतिम मुहर लगा दी गई। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को भाजपा की रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

बहुमत के दम पर प्रमुख प्रस्तावों को कराया पारित

आमसभा में दूसरा बड़ा और जनचर्चित प्रस्ताव प्रॉपर्टी टैक्स में 60 प्रतिशत की वृद्धि रहा। मीरा-भाईदर मनपा सीमा के अंतर्गत आने वाली सभी संपत्तियों पर यह बढ़ोतरी लागू की जाएगी। इसके साथ ही फेरीवालों के शुल्क में कमी का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया। हालांकि इस निर्णय पर भाजपा को अपने ही पार्षद नीला सॉस के विरोध कर सामना करना पड़ा। सॉस ने सदन में स्पष्ट किया कि पिछले प्रशासकीय कार्यकाल में 10 प्रतिशत पानी कन और 10 प्रतिशत सड़क कर के रूप में कुल 20 प्रतिशत की वृद्धि पहले ही की जा चुकी है। प्रॉपर्ट टैक्स में वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग भी उन्होंने की। उन्होंने फेरीवालों के शुल्क में कमी को भी अव्यावहारिक बताते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ फेरीवालों से शुल्क वसूला जाता है और दूसरी तरफ उनकी गाड़िया तोड़ दी जाती हैं, यह नीति समझ से परे है। प्रॉपर्टी टैक्स में भारी वृद्धि के इस फैसले को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि इससे सीधा आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

पहली ही आमसभा में मंत्री को घेरने की कोशिश

पहली आमसभा में राजनीतिक तापमान उस समय और बढ़ गया जब भाजपा पार्षदों ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को विभिन्न परियोजनाओं को लेकर घेरने का प्रयास किया। चेना रिवर फ्रंट, चेना नदी पर प्रस्तावित पुल और विभिन्न समाज भवन परियोजनाओं पर सवाल उठाए गए।

पूर्व महापौर ज्योत्सना हसनाले और पार्षद अनिल भोसले ने इन परियोजनाओं को रनिरर्थकर और रजनता के पैसों की बर्बादीर करार दिया। साथ ही कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने की मांग भी की गई। वहीं पार्षद दिनेश जैन ने बाला साहब ठाकरे कला दालान में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए जांच की मांग की। मीरा-भाईंदर मनपा की यह पहली आमसभा कई मायनों में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन साबित हुई।

आने वाले दिनों में और गंभीर होगी राजनीति

नाम परिवर्तन का निर्णय, टैक्स में भारी वृद्धि और मंत्री को घेरने की रणनीति इन सभी घटनाओं ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति और भी तेज होने वाली है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता इन फैसलों को किस नजरिए से देखती है। विकास की दिशा में कदम या आर्थिक बोझ और राजनीतिक रणनीति?

टीपू सुल्तान के नाम पर स्थानों का नामकरण अस्वीकार्य

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा है कि राज्य में टीपू सुल्तान के नाम पर सार्वजनिक चौराहों का नाम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नामों वाले स्थान "पाकिस्तान में बनाए जाने चाहिए'। उन्होंने ठाणे में आयोजित महोत्सव में उक्त बात कही। राणे की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को "समकक्ष" बत्ताने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सपकाल ने अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

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