सड़क बनाने वाले के दफ्तर तक जाने सड़क नहीं, भंडारा PWD ऑफिस के सामने बना 'तालाब'

Bhandara News: भंडारा जिले में सड़कों का जाल बिछाने वाले विभाग के ही कार्यालय तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश के कारण यहां तालाब जैसा नजारा दिखाई दे रहा है।
Rain water filled in front of Bhandara PWD office road damaged
भंडारा पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर जमा हुआ पानी (फोटो नवभारत)
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Bhandara PWD Office Road News: भंडारा जिले में सड़कों का जाल बिछाने वाले विभाग के ही कार्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की और सुगम सड़क उपलब्ध नहीं है। यह विडंबना ही कही जाएगी कि लोकनिर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी संस्थाएं जिलेभर में आधुनिक सड़कों का निर्माण कर रही हैं, किन्तु इनके ही उपविभागीय अभियंता कार्यालयों तक पहुँचने में नागरिकों व कर्मचारियों को बरसात के दिनों में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

भंडारा जिला अस्पताल के पीछे, गंगा वीला कॉलोनी के सामने स्थित लोकनिर्माण विभाग उपविभागीय अभियंता क्र. 1 का कार्यालय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग का कार्यालय इस समस्या से घिरा हुआ है। इन कार्यालयों के सामने न तो समुचित सड़क बनी है और न ही जल निकासी की व्यवस्था। बरसात का मौसम आते ही यहाँ कीचड़, गड्ढे और पानी का तालाब बन जाता है।

कार्यालय में काम से आने वाले आम नागरिक, ठेकेदार, कर्मचारी और कभी-कभी वरिष्ठ अधिकारी भी पानी और कीचड़ से होकर ही भीतर प्रवेश करने को मजबूर होते हैं। स्थिति यह है कि जिले की दर्जनों सड़कें, पुल और राजमार्ग इन ही कार्यालयों की देखरेख में बनते हैं।

करोड़ों रुपये के ठेके दिए जाते हैं, गुणवत्ता की जांच होती है, योजनाओं का नियोजन तैयार किया जाता है, लेकिन जब बात अपने ही दफ्तर तक पहुंचने की आती है तो वहां किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है कि ‘जो विभाग पूरे जिले को सड़क देता है, वह खुद के लिए सड़क क्यों नहीं बना पाया?’

कार्यालयों के सामने जमा पानी छोटे तालाब जैसा नजारा

इस वर्ष की लगातार हो रही वर्षा ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। कार्यालयों के सामने जमा पानी छोटे तालाब जैसा दिखाई देता है। सुबह से शाम तक आने-जाने वालों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर या घुटनों तक पानी में उतरकर रास्ता तय करना पड़ता है। जल जमाव से गंदगी फैलती है और रोग फैलने का डर भी बना रहता है।

कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी इस समस्या पर असंतोष जताया है। कई बार आने वाले नागरिकों को पानी और कीचड़ में चलना आसान नहीं होता। यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से यहां सड़क के निर्माण की मांग उठती रही है, परंतु अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।

भंडारा जिले के अन्य स्थानों पर विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं, लेकिन विभागीय कार्यालय के सामने की उपेक्षा आश्चर्यजनक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय तक जाने के लिए यदि उचित सड़क उपलब्ध नहीं है, तो यह लापरवाही भविष्य में और भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती

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