ईरान को तबाह करना लक्ष्य! अमेरिकी कमांडर ने बताया क्या है ट्रंप का तेहरान प्लान, कहा- दिए गए हैं खास आदेश

US-Iran War: अमेरिकी बमवर्षकों ने ईरान में 200 लक्ष्यों पर हमला किया। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से मिसाइल और ड्रोन क्षमता कमजोर हुई, दीर्घकालीन मिसाइल निर्माण रोकने का प्रयास जारी।
CENTCOM Iran Strikes
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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CENTCOM Iran Strikes: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने हाल‑फिलहाल की सैन्य कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान में लगभग 200 रणनीतिक लक्ष्यों पर हमला किया है। उनके अनुसार इन हमलों ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले करने की क्षमता को गंभीर क्षति पहुंचाई है।

कूपर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब केवल ईरान के मौजूदा हथियारों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान की लंबी अवधि की मिसाइल उत्पादन क्षमता को भी निष्क्रिय करने की दिशा में काम कर रहा है। ताकि वो आने वाले समय में इस प्रकार के घातक हथियारों का निर्माण ही न कर सके।

ईरान के सैन्य सुविधाओं पर निशाना

एडमिरल कूपर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन विशेष रूप से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों, उनके संरचनात्मक ढांचे और अन्य सैन्य सुविधाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बी‑2 स्पिरिट और अन्य बमवर्षक विमानों ने पिछले तीन दिनों में लगभग 200 लक्ष्य भेदने वाले बमों से हमले किए हैं, जिनमें कई बम विशेष रूप से जमीन के भीतर छिपे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए थे।

ईरानी हमलों में आई 90 प्रतिशत की कमी

कूपर ने बताया कि इन हमलों के प्रभाव से ईरान के जवाबी हमलों में तेज गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बैलिस्टिक मिसाइल हमले लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं, जबकि ड्रोन हमलों में भी 83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि अब तक 30 से अधिक जहाज नष्ट हो चुके हैं, जो विरोधी ताकतों द्वारा किए जा रहे हमलों में शामिल थे।

एडमिरल कूपर ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ केवल फिलहाल के संघर्ष तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के अनुरूप ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की दीर्घकालीन क्षमता को समाप्त करने के लिए भी चलाया जा रहा है। अमेरिकी फौजें न केवल मौजूदा मिसाइलों और प्रणालियों को नष्ट कर रही हैं, बल्कि ईरान की मिसाइल उत्पादन सुविधाओं और भविष्य में उनकी पुनः निर्माण क्षमता को पूरी तरह निष्क्रिय करने में भी जुटी हुई हैं।

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