Bhandara News: पवनी नगर परिषद में चाकू से हमला करने की धमकी के आरोप, सियासत गरमाई
Knife Threat Allegation: भंडारा के पवनी नगर परिषद में अध्यक्ष ने कुछ नगरसेवकों पर चाकू से हमला करने की धमकी देने का आरोप लगाया। मुख्याधिकारी ने जांच के बाद आरोपों को निराधार बताया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Pawani Nagar Parishad (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Pawani Nagar Parishad: पवनी नगर परिषद में कुछ नगरसेवकों की ओर से कर्मचारियों और अध्यक्ष पर चाकू से हमला करने की धमकी देने की शिकायत के बाद से शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। नगर परिषद की अध्यक्ष डॉ. विजया नंदुरकर ने कुछ विपक्षी नगरसेवकों और महिला नगरसेवकों के पतियों पर कार्यालय और सार्वजनिक जगहों पर चाकू से हमला करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
थाने में सौंपा निवदेन
उन्होंने 29 जून को मुख्याधिकारी को एक पत्र लिखकर इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की थी, साथ ही पवनी पुलिस स्टेशन में भी एक निवेदन सौंपा है। इस घटना के बाद से शहर के लोगों में खासा गुस्सा देखा जा रहा है और नगर परिषद में राजनीति का स्तर गिरने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुल 20 सदस्यों वाली पवनी नगर परिषद का राजनीतिक समीकरण देखें तो यहां अध्यक्ष और एनसीपी के 2 नगरसेवकों को मिलाकर कुल 3 प्रतिनिधि हैं।
धमकी के आरोपों पर जांच में नहीं मिले सबूत
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के 13, शिवसेना के 4 और 1 निर्दलीय नगरसेवक हैं। हालांकि राज्य में बीजेपी, एनसीपी और शिवसेना की महायुति सरकार है, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव सभी पार्टियों ने अलग-अलग लड़ा था। चुनाव के बाद उम्मीद थी कि सभी दल विकास के मुद्दे पर एक साथ आएंगे, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर लग रहा है कि सत्तापक्ष खुद को बचाने में ही व्यस्त है।
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इस अंदरूनी विवाद और धमकी के आरोपों के बीच नगर परिषद के कर्मचारी असमंजस में फंस गए हैं। पवनी के नागरिक इस बात पर अफसोस जता रहे हैं कि यदि सत्तापक्ष और विपक्ष इसी तरह एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे, तो शहर के विकास कार्यों का क्या होगा।
धमकियों के आरोप बेबुनियादः मुख्याधिकारी
इस पूरे मामले पर मुख्याधिकारी नीलेश इंगोले ने नगराध्यक्ष को पत्र लिखकर साफ किया है कि कुछ नगरसेवकों और उनके पतियों की ओर से दी गई धमकियों के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने इस विषय में स्वतंत्र जांच करते हुए सभी विभाग प्रमुखों की बैठक बुलाई थी और म्युनिसिपल काउंसिल ऑफिस व कर्मचारियों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले।
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जांच के दौरान इस तरह की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई और न ही किसी व्यक्ति के पास कोई धारदार हथियार मिला। मुख्याधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कार्यालय के काम में गैर-कानूनी हस्तक्षेप करने, सरकारी काम में रुकावट डालने, कर्मचारियों को धमकाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
