पुणे वंदे भारत को मिला बंपर रिस्पॉन्स, अब नागपुर-मुंबई के बीच भी प्रीमियम ट्रेन की मांग तेज
Nagpur Mumbai Vande Bharat Express : अजनी-पुणे वंदे भारत की सफलता के बाद अब नागपुर-मुंबई वंदे भारत की मांग तेज हो गई है। बढ़ती यात्री संख्या के बीच कोच बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, वंदे भारत, प्रतीकात्मक तस्वीर,(साेर्स: एआई फोटो)
Nagpur Mumbai Vande Bharat Express Central Railway: सारी अटकलों को धता बताते हुए ट्रेन 26102/01 अजनी-पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस सफल हो गई। पहले माना जा रहा था कि दिन का सफर होने के चलते इस ट्रेन को यात्री नहीं मिलेंगे। हालांकि मध्य रेल मुंबई के अनुसार इस वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच की संख्या दोगुनी करने की संभावना है क्योंकि हर दिन यात्रियों का भारी प्रतिसाद मिल रहा है।
कुछ ऐसा ही नजारा नागपुर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का हो सकता है। समय की मांग है कि देश के सेंटर यानी नागपुर और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को सेमी हाईस्पीड और बंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन से जोड़ा जाये क्योंकि वर्तमान में दौड़ रही ट्रेनें अब यात्रियों की संख्या और समय के अनुसार नाकाफी साबित हो रही है।
सुबह 7:45 बजे बाद 6 घंटे नहीं कोई ट्रेन
ये तय है कि यदि रेलवे नागपुर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का विचार भी करती है तो नियमानुसार पुणे वंदे भारत के अनुसार इसे दिन में ही परिचालित की किया जा सकेगा। यदि दौरान टाइम स्लाट की बात करें को नागपुर से मुंबई के लिए हर दिन सुबह 7:45 बजे ट्रेन 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस के अलावा अन्य कोई ट्रेन हर दिन उपलब्ध नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
Bhandara News: मानसून में भंडारा के 11 गांवों का टूट जाता है संपर्क, ग्रामीणों की बढ़ती मुश्किलें
देवदूत बनी महाराष्ट्र गर्ल्स बटालियन; वर्धा में 18 घंटे से कुएं में फंसे शख्स को सुरक्षित बचाया
नागपुर में निवेश के नाम पर 74.98 लाख की महाठगी; एक्सिस बैंक के पूर्व मैनेजर ने महिला और बुजुर्ग को लगाया चूना
वर्धा में देह व्यापार का भंडाफोड़, पति-पत्नी गिरफ्तार, पीड़िता को कराया गया मुक्त
इसके बाद दोपहर 1:30 से 2 बजे के बीच अगली ट्रेन है। यानी इस करीब 6 घंटे के स्लाट में वंदे भारत एक्सप्रेस पर विचार (तकनीकी व ट्रैक ऑक्यूपेंसी के सर्वे के बाद) किया जा सकता है। हालांकि गीतांजलि एक्सप्रेस के बाद सुबह 8।10 बजे ट्रेन 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस और ट्रेन 22512 कामख्या-मुंबई कर्मभूमि एक्सप्रेस उपलब्ध हैं लेकिन दोनों ही साप्ताहिक हैं।
सप्ताह में 19, नागपुर से केवल 2 ट्रेनें
उल्लेखनीय है कि शहरवासियों को मुंबई के लिए सप्ताह की 19 ट्रेनें उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकांश ट्रेनें पिछले स्टेशनों से आती हैं और नागपुर आने से पहले ही फुल रहती हैं।
इन ट्रेनों के रिजर्वेशन मिलना टेढ़ी खीर होता है। खास बात है कि इन 19 ट्रेनों में से केवल 2 ट्रेनें की नागपुर से शुरू होकर यहीं समाप्त होती हैं।
इनमें ट्रेन 12290/89 नागपुर-मुंबई-नागपुर दुरंतो और ट्रेन 12140/39 नागपुर-मुंबई-नागपुर सेवाग्राम एक्सप्रेस शामिल हैं। ये दोनों ट्रेनें पूरे वर्ष की फुल रहती हैं।
इसके अलावा पहले नागपुर से परिचालित की जाने वाली ट्रेन 12106/05 विदर्भ एक्सप्रेस अब गोंदिया से चलाई जाती है और यहीं समाप्त होती हैं।
वहीं ट्रेन 02142 नागपुर-मुंबई स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है। यानी वर्तमान में लंबी वेटिंग लिस्ट और यात्रियों की जरूरत देखते हुए रेलवे ने यह स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
नियमित तौर पर राज्य के दोनों प्रमुख शहरों के बीच दौड़ने वाली इन तीनों ट्रेनों में पूरे वर्ष की कन्फर्म सीट मिलना बहुत मुश्किल है।
ऐसी ही स्थिति पहले नागपुर और पुणे रूट पर होती थी लेकिन एक वंदे भारत हर दिन 1,000 से अधिक यात्रियों को राहत दे रही है। हजारों यात्री ऐसी राहत नागपुर और मुंबई के बीच भी चाहते हैं।
12 घंटे में सफर हर वर्ग को मिलेगा फायदा
उल्लेखनीय है कि ट्रेन 12290/89 नागपुर-मुंबई-नागपुर दुरंतो एक्सप्रेस केवल 12 घंटे में दोनों शहरों के बीच 835 किमी की दूरी पूरी कर लेती है। यही कारण है कि शुरुआत के पहले दिन से आज तक ये ट्रेन फुल ही चली है। आज भी सप्ताहांत यानी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को इस ट्रेन में सीट नहीं बचती।
यह भी पढ़ें:-नागपुर में निवेश के नाम पर 74.98 लाख की महाठगी; एक्सिस बैंक के पूर्व मैनेजर ने महिला और बुजुर्ग को लगाया चूना
वर्तमान समय में नागपुर से मुबई के सीएसएमटी या एलटीटी स्टेशन के लिए उपलब्ध अधिकांश ट्रेनों में अगले शनिवार और रविवार को थर्ड ई और थर्ड सी क्लास में नो रूम हो चुका है।
वहीं स्लीपर और सेकंड एसी क्लास में वेटिंग लिस्ट शुरू हो चुकी है। इसमें कोई दोराय नहीं कि यदि यात्रियों को इस रूट पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस उपलब्ध हो जाए तो दिन में कम से कम 1,000 से अधिक यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी।
