महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर लगेगी लगाम, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा, सरकार तैयार कर रही नई कानून-व्यवस्था

Illegal Moneylending: राज्य सरकार अवैध साहूकारी रोकने के लिए नया सख्त कानून ला रही है। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। किसानों को आसान ऋण, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
Maharashtra Illegal Moneylending New Law Farmers Relief Strict Action
अवैध साहूकारी पर लगेगी लगाम (सोर्स: AI)
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Illegal Moneylending New Law Farmers Relief: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अवैध साहूकारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कानून को और सख्त बनाने का फैसला किया है। सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने विधानसभा में कहा कि नए कानून में मौजूदा प्रावधानों की तुलना में अधिक कठोर सजा का प्रावधान किया जाएगा, ताकि अवैध साहूकारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

किसानों को आसान कर्ज उपलब्ध कराने पर जोर

मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा कि सरकार किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराने, अवैध साहूकारी पर सख्त नियंत्रण रखने और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र किसान ऋण से वंचित नहीं रहेगा। जिन किसानों को जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के बकाया ऋण के कारण नया फसल ऋण नहीं मिल पा रहा है, उन्हें राष्ट्रीयकृत और अन्य पात्र बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

अमरावती में कार्रवाई के आंकड़े

मंत्री ने बताया कि अमरावती जिले में अवैध साहूकारी के खिलाफ व्यापक कार्रवाई जारी है। अब तक प्राप्त 343 शिकायतों में से 266 मामलों की जांच पूरी की जा चुकी है। इनमें 34 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 48 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं महाराष्ट्र साहूकारी कानून के तहत जिला उपनिबंधक कार्यालय को मिली 54 शिकायतों में से 44 मामलों का निपटारा कर किसानों को राहत देने की प्रक्रिया पूरी की गई है।

जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत

सरकार ने अवैध साहूकारी रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर त्रिसदस्यीय प्रशासनिक समिति का गठन किया है। साथ ही जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला समन्वय समिति फसल ऋण स्वीकृति और वितरण की नियमित निगरानी कर रही है तथा समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। विधानसभा में इस विषय पर सदस्य सुलभा खोडके के प्रश्न पर कई सदस्यों ने भी पूरक प्रश्न उठाए।

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