निर्दलीय उम्मीदवार पड़ गए संकट में, चुनाव चिन्ह देर से मिलने से प्रचार पर संकट

Bhandara municipal Elections: भंडारा नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। चुनाव चिन्ह देर से मिलने के कारण प्रचार अवधि घट गई।
निर्दलीय उम्मीदवार पड़े संकट में
निर्दलीय उम्मीदवार पड़े संकट में (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Bhandara News: भंडारा ज़िले की चारों नगर परिषदों के चुनावों की घोषणा के बाद उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, ऑनलाइन नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 10 नवंबर दोपहर 2 बजे से 17 नवंबर तक रखी गई है। वहीं, नामांकन पत्रों की हार्ड कॉपी 17 नवंबर दोपहर 3 बजे तक स्वीकार की जाएगी।

नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया 18 नवंबर सुबह 11 बजे से शुरू होगी और उसी दिन वैध उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी जाएगी। उम्मीदवार अपने नाम वापस लेने के लिए 19 से 21 नवंबर दोपहर 3 बजे तक का समय पा सकेंगे। किसी भी प्रकार की अपील नहीं होने पर 25 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया की अंतिम तिथि मानी जाएगी।

26 नवंबर को चुनाव चिन्हों का वितरण

सबसे अहम पहलू यह है कि 26 नवंबर को चुनाव चिन्हों का वितरण किया जाएगा। पंजीकृत राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को उनका अधिकृत चुनाव चिन्ह पहले से तय होता है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों को चिन्ह 26 नवंबर को ही मिलेगा। यही स्थिति निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

राजनीतिक दलों के उम्मीदवार पहले से ही तय चिन्ह के आधार पर अपने पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री तैयार कर लेते हैं। इसके विपरीत, निर्दलीय उम्मीदवारों को 26 नवंबर की शाम तक चिन्ह मिलने का इंतज़ार करना पड़ेगा, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रचार सामग्री तैयार करनी होगी।

किस तरह प्रभावी प्रचार कर पाएंगे?

निर्दलीय उम्मीदवारों के पास प्रचार के लिए केवल 27 से 30 नवंबर की शाम तक का समय रहेगा, क्योंकि मतदान 2 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा और मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पर रोक लग जाएगी। ऐसे में सवाल यह है कि इतने कम समय में निर्दलीय उम्मीदवार किस तरह प्रभावी प्रचार कर पाएंगे? चुनावी मैदान में उनके सामने खड़ी चुनौतियों का अंदाज़ा लगाना कठिन है।

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