1 रुपये बीमा के बावजूद भंडारा में फसल बीमा फ्लॉप, आंकड़ों ने खोली पोल; सिर्फ 1,091 किसान शामिल

Crop Insurance Scheme: 1 रुपये बीमा सुविधा के बावजूद भंडारा जिले में फसल बीमा योजना को कमजोर प्रतिसाद मिला। 86,174 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले केवल 1,074 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित हुआ।
Despite the Rs. 1 insurance premium, crop insurance scheme flops in Bhandara; data reveals the reality; only 1,091 farmers participated
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Bhandara Government Subsidy: भंडारा जिले में रबी एवं ग्रीष्मकालीन मौसम के लिए संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की जा रही है। रबी सीजन की गेहूं और चना फसलों के लिए बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर थी, लेकिन शासन द्वारा मात्र 1 रुपये में बीमा सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद किसानों की अपेक्षित भागीदारी नहीं देखने को मिली।

जिले के लिए निर्धारित 86,174 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की तुलना में अत्यंत कम क्षेत्र का ही फसल बीमा कराया गया है, जिससे योजना के प्रति किसानों की उदासीनता स्पष्ट होती है। जिला कृषि विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 30 जनवरी 2026 तक केवल 1,091 किसानों ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराया है।

इससे कुल 1,074.1 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा संरक्षण प्राप्त हुआ है। तहसीलवार सहभागिता में भंडारा: 149, लाखांदूरः 143, लाखनीः 129, मोहाड़ीः 276, पवनीः 175, साकोलीः 38, तुमसरः 181 किसान है।

इनमें मोहाड़ी तहसील सबसे आगे रहा, जबकि साकोली तहसील सबसे पीछे रहा। योजना में शामिल किसानों में 934 पुरुष और 157 महिलाएं हैं। इनमें से 638 किसान लघु व सीमांत वर्ग से संबंधित हैं।

ग्रीष्मकालीन धान के लिए अभी भी अवसर

हालाकि गेहूं और चना फसलों के लिए बीमा की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन ग्रीष्मकालीन धान फसल के लिए बीमा कराने का अवसर अब भी उपलब्ध है, भंडारा तहसील को छोड़कर जिले के शेष छह तहसीलों के किसान 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ग्रीष्मकालीन धान के लिए प्रति हेक्टेयर 61,250 रुपये की चीमित राशि निर्धारित की गई है।

महत्वपूर्ण शर्तें

योजना में भाग लेने के लिए ई-पीक निरीक्षण (ई-पीक सर्वेक्षण) पोर्टल पर फसल का पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही प्रत्येक किसान के पास 'एग्रीस्टैक' किसान पहचान पत्र होना जरूरी किया गया है। प्राकृतिक आपदा या रोग के कारण फसल नुकसान होने पर 70 प्रतिशत जोखिम स्तर तक आर्थिक सहायता का प्रावधान है। जिले के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी को बीमा प्रदाता नियुक्त किया गया है।

तहसीलवार बीमित क्षेत्र एवं प्रीमियम

भंडारा जिले में रबी सीजन 2025 के लिए कुल 1,074.1 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित किया गया है, जिसके लिए किसानों ने कुल 77.253.82 रुपये प्रीमियम जमा किया है।

तहसील स्तर पर भंडारा में 77.25 हेक्टेयर के लिए 14,070.84 रुपये, लाखांदूर में 156.45 हेक्टेयर के लिए 8,333.06 रुपये, लाखनी में 128.58 हेक्टेयर के लिए 9,100.44 रुपये, मोहाड़ी में सर्वाधिक 219.96 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 19,196.09 रुपये, पवनी में 173.86 हेक्टेयर के लिए 11,322.66 रुपये, साकोली में सबसे कम 43.15 हेक्टेयर के लिए 2,967.59 रुपये तथा तुमसर में 100.34 हेक्टेयर के लिए 12,263.14 रुपये प्रीमियम जमा किया गया है।

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