नरवणे की किताब में ऐसा क्या, जिसके जिक्र से सदन में मचा बवाल? राहुल गांधी ने मोदी-राजनाथ से पूछे तीखे सवाल

Four Stars of Destiny Book: जनरल नरवणे ने यह किताब करीब एक साल पहले लिखकर प्रकाशक को सौंप दी थी, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से इसके प्रकाशन की अनुमति अब तक नहीं दी गई है।
What is in Naravane's book that caused such an uproar in Parliament? Rahul Gandhi asked pointed questions to Modi and Rajnath Singh
राहुल गांधी
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Manoj Naravane Book Controversy: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की ओर से भारतीय संस्कृति को लेकर कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह इनका जवाब देंगे।

राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे का जिक्र करते हुए आर्मी चीफ नरवाल को कोट करते हुए अपनी बात रखनी शुरू की। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हो गए, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बीच स्पीकर ने राहुल गांधी से उनके बयान को ऑथेंटिकेट करने के लिए कहा। इस पर राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि जिस किताब का राहुल गांधी हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है या नहीं। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई है। आइए जानते हैं कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या है, जिससे इचतना हंगामा हो रहा है....

अब तक प्रकाशित नहीं हुई है किताब

बता दें कि जनरल नरवणे ने यह किताब करीब एक साल पहले लिखकर प्रकाशक को सौंप दी थी, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से इसके प्रकाशन की अनुमति अब तक नहीं दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने किताब की कुछ सामग्री पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसकी समीक्षा प्रक्रिया लंबित है। जनरल नरवणे को हिमाचल प्रदेश के कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह साहित्य महोत्सव में आमंत्रित किया गया था। इस दौरान जब उनसे उनकी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि इस पर फैसला अभी प्रकाशक और रक्षा मंत्रालय के पास लंबित है।

क्या कहा था जनरल मनोज नरवणे ने?

जनरल नरवणे ने कहा था, “मेरा काम किताब लिखकर पब्लिशर को सौंपना था। पब्लिशर की जिम्मेदारी थी कि वह रक्षा मंत्रालय से अनुमति ले। किताब मंत्रालय को भेज दी गई थी और उसकी समीक्षा की जा रही थी। अब करीब एक साल हो गया है, लेकिन समीक्षा प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हुई है।” उन्होंने आगे कहा कि किताब लिखते समय वह काफी उत्साहित थे और जब रक्षा मंत्रालय को उचित लगेगा, तब इसके प्रकाशन की अनुमति दे दी जाएगी।

किताब में क्या है खास?

नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में देश से जुड़े कुछ संवेदनशील सैन्य अभियानों और उनसे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र होने की संभावना है। कुछ महीने पहले इस किताब की भूमिका का एक हिस्सा वायरल हुआ था, जिसमें अग्निवीर योजना से जुड़े दावों को लेकर काफी चर्चा हुई थी।

गौरतलब है कि जनरल नरवणे के कार्यकाल के दौरान ही वर्ष 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जवानों पर हमला हुआ था। किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को जनरल नरवणे और तत्कालीन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच हुई बातचीत का भी उल्लेख बताया जा रहा है। इसी दिन चीनी सेना ने लद्दाख के रेचिन ला दर्रे से घुसपैठ की थी। किताब के मुताबिक, जब राजनाथ सिंह ने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी, तो प्रधानमंत्री ने कहा था “जो आपको ठीक लगे, वह करें।”

अग्निवीर योजना का जिक्र

जनरल नरवणे के कार्यकाल के दौरान ही जून 2022 में अग्निवीर योजना लागू की गई थी। उस समय सेना ने इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों में से 75 प्रतिशत को स्थायी सेवा में रखने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार ने इसे घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया। इसके अलावा, शुरुआत में अग्निवीरों को मिलने वाली सैलरी 20,000 रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 30,000 रुपये किया गया।

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