

Bhandara Loan Interest Refund: भंडारा महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक और आर्थिक विकास नीति के अनुरूप, खुले प्रवर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अमृत (महाराष्ट्र संशोधन, उन्नति व प्रशिक्षण प्रबोधिनी) संस्था की ओर से अमृत कर्ज व्याज वापसी योजना' प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लक्षित समूहों की मदद करना है, जिन्हें अन्य किसी सरकारी विभाग या महामंडल से लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसमें ब्राह्मण, बनिया, सिंधी, मारवाड़ी, गुजराती, राजपूत, पाटीदार सहित कुल 24 जातियों के 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोग पात्र हैं।
योजना के तहत, अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लाभार्थी यदि किसी भी आरबीआई मान्यता प्राप्त बैंक से 15 लाख रुपये तक का व्यावसायिक ऋण लेते हैं, तो उस कर्ज पर लगने वाले ब्याज की रकम अमृत' संस्था की ओर से वापस की जाएगी।
यह राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा होगी। लाभार्थी की ओर से नियमित किश्त भरने पर अधिकतम 12% की दर तक ब्याज वापस दिया जाएगा, टर्म लोन के लिए 2 वर्ष और सीसी के लिए 1 वर्ष की अवधि तय की गई है। व्याज वापसी राशि अधिकतम 4.50 लाख रुपये तक सीमित होगी।
सीएमईजीपी, पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसी योजनाओं में सब्सिडी के अलावा शेष राशि पर लगने वाले ब्याज पर भी यह लाभ लिया जा सकता है। आवेदक का किसी भी बैंक का कर्जदार नहीं होना चाहिए। आवेदन के साथ पैन / टैन कार्ड और आचार संलग्न बैंक खाते की जानकारी देना आवश्यक है।
इच्छुक लाभार्थीं अधिक जानकारी के लिए शास्त्रीनगर, स्टेशन रोड स्थित भंडारा जिला अमृत कार्यालय में संपर्क कर सकते है अमृत संस्था के विभागीय व्यवस्थापक देवदत पंडित ने खुले प्रवर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर चटकी से इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है। अधिक जानकारी के लिए जिला प्रबंधक ओमकार मिलिंदराव हरदास या अमृत प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा सकता है।