Sambhajinagar: नाबालिग लड़की की बरामदगी, आरोपी को 19 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा

Chhatrapati Sambhajinagar के एमआईडीसी वालुज की नाबालिग लड़की और उसके 5 महीने के बच्चे को मानव तस्करी निरोधक टीम ने बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 19 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा है।
आरोपी गिरफ्तार (pic credit; social media)
आरोपी गिरफ्तार (pic credit; social media)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: एमआईडीसी वालुज क्षेत्र के एक परिवार की नाबालिग लड़की लगभग डेढ़ साल पहले अपने घर से लापता हो गई थी।

अंततः लंबी जांच, तकनीकी विश्लेषण और टीम की कड़ी मेहनत के बाद, अनैतिक मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ ने लड़की और उसके पांच महीने के बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

इस मामले में आरोपी अंकुश सुरेश निकालजे (24, निवासी मोहाडी, तालुका जिंतुर, जिला परभणी) को गिरफ्तार कर लिया गया है और अदालत ने उसे 19 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है 11 अप्रैल, 2024 को शिकायतकर्ता ने एमआईडीसी वालुज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।

उसके अनुसार, उसकी 16 वर्षीय 6 महीने की बेटी 10 अप्रैल की रात बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। रिश्तेदारों और इलाके में तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली। इसलिए, यह संदेह था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया होगा।

इस मामले में एमआईडीसी वालुज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था प्रारंभिक जांच एमआईडीसी वालुज पुलिस स्टेशन द्वारा की गई, लेकिन अपराध का समाधान न होने पर, पुलिस आयुक्त के आदेशानुसार आगे की जाँच अनैतिक मानव तस्करी रोकथाम प्रकोष्ठ को सौंप दी गई।

तकनीकी जांच से अभियुक्त तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान, संदिग्धों के मोबाइल नंबरों का सीडीआर, एसडीआर, आईएमईआई तकनीकी विश्लेषण किया गया, पता चला कि आरोपी अंकुश निकालजे लोहता । ता कलंब, जिला उस्मानाबाद) में लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

इसके बाद, 16 अक्टूबर को पुलिस टीम ने तकनीकी और गुप्त जाँच के आधार पर कलंब तहसील में छापा मारा। उस समय पीड़िता और उसका पाँच महीने का बच्चा एक खेत में मिले, आरोपी अंकुश निकालने को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जांच में पता चला कि पीड़िता एमआईडीसी वालुज इलाके में मिट्टी का काम कर रही थी, जब उसकी मुलाकात आरोपी अंकुश निकालने से हुई।

कुछ ही समय में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। एक महीने के भीतर, वे अपने परिवारों को बताए बिना भाग गए और एक मंदिर में शादी कर ली। जून में पीड़िता को एक बेटी हुई। यह कार्रवाई शहर के सीपी प्रठीण पवार, उपायुक्त रत्नाकर नवले, शर्मिष्ठा बालावलकर-धारगे, एसीपी संपत शिंदे, निरीक्षक संभाजी पवार, सहायक निरीक्षक जयश्री कुलकर्णी, कास्टेबल विद्वल मनकापे, हीरा चिचोलकर, पूनम परदेशी आदि के मार्गदर्शन में सहायक निरीक्षक जयश्री कुलकर्णी, कांस्टेबल विद्वल मनकापे, हीरा चिचोलकर, पूनम परदेशी ने पूरी की।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com