प्राकृतिक खेती से कम लागत में बढ़ेगा उत्पादन: कुलपति डॉ. इंद्रमणि; किसानों को मिलेगा लाभ

Sustainable Agriculture: परभणी कृषि विश्वविद्यालय में प्राकृतिक खेती का वैज्ञानिक मॉडल विकसित किया जा रहा है। कुलपति डॉ. इंद्रमणि ने इसे कम लागत व किसान हितैषी खेती पद्धति बताया।
Natural farming will increase production at a lower cost: Vice-Chancellor Dr. Indramani; farmers will benefit
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Natural Farming Model: छत्रपती संभाजीनगर परभणी स्थित वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रा. डॉ. इंद्रमणि ने कहा कि महाराष्ट्र व गुजरात के राज्यपाल, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व प्राकृतिक खेती के राष्ट्रीय मार्गदर्शक आचार्य देवव्रत की ओर से प्रतिपादित प्राकृतिक खेती मॉडल देशभर में अपनाया जा रहा है, राज्य के किसान प्रगतिशील होने से यहां प्राकृतिक खेती को अपनाना सरल होगा।

स्वेच्छा से अपनाने पर यह अधिक सहज बनती है व उत्पाद भी बढ़ता है। वैज्ञानिकों से आग्रह किया गया कि वे किसानों के साथ निरंतर संवाद रखें। पवित्र खेती मॉडल फार्म' से अनुसंधान, प्रात्यक्षिक व प्रसार को गति मिलने की संभावना जताते हुए किसानों व वैज्ञानिकों से इसे अपनाने की अपील भी उन्होंने की।

परभणी स्थित वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय में प्राकृतिक खेती का वैज्ञानिक व मॉडल विकसित किया जा रहा है। यह कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल, किसान हितैषी व कृषि पद्धति के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, प्रात्यक्षिक व व्यापक प्रसार के लिए बेहद है।

इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विवि के सिम्पोजियम हॉल में जैविक खेती परियोजना के अंतर्गत शिक्षक-अधिकारियों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण प्रा। इंद्रमणि की अध्यक्षता में हुआ।

मंच पर अनुसंधान निदेशक डॉ. खिजर बेग, शिक्षा निदेशक डॉ. भगवान आसेवार, मुख्य अन्वेषक डॉ.आनंद गोरे, प्रगतिशील किसान नरेश शिंदे व विश्वनाथ होलगे मौजूद थे।

कुल 164 फॉर्मों का किया जाएगा निर्माण

इसके अंतर्गत विवि स्तर पर 3 एकड़ क्षेत्र में 'प्राकृतिक खेती-पवित्र खेती मॉडल फार्म' विकसित किया जा रहा है। विवि के 14 अनुसंधान केंद्रों व 12 कृषि विज्ञान केंद्रों में हर स्थान पर 1-1 एकड़ में यह फार्म स्थापित किए गए हैं।

प्रत्येक अनुसंधान केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र से संबद्ध तीन किसानों के खेतों पर भी 1-1 एकड में प्रात्यक्षिक शुरू किए गए है। विवि के आंतरिक व संबद्ध कॉलेजों के जरिए 59 व मॉडल फार्म विकसित किए जाएंगे।

कुल 164 फार्म स्थापित कर प्राकृतिक खेती के अनुसंधान प्रयोग संचालित होंगे। डॉ. पपिता गौरखेडे, डॉ. एमआर मोरे, डॉ. एसएस घुरगुडे, डॉ एजी लाड, डॉ. एमजी पाटील, डॉ .पीवी पडधण, डॉ डीडी टेकाले, अतुल पाटिल, डॉ. मीनाक्षी पाटील, डॉ. अविनाश राठौड़, डॉ. अनंत लाइ, डॉ. तेजस्विनी कच्छचे, डॉ. प्रीतम भूतड़ा व डॉ.श्रद्धा घुरगुड़े ने जानकारी दी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com