Chhatrapati Sambhajinagar में प्रशासन में क्रांति, जिलाधिकारी ने दिया ई-ऑफिस लागू करने का आदेश

Sambhajinagar के जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को ई-ऑफिस के माध्यम से त्वरित और पारदर्शी सेवाएं देने हेतु ‘राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता मिशन’ लागू किया।
Collector Dilip Swami
कलेक्टर दिलीप स्वामी (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar: जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने कहा कि जिला प्रशासन, मनपा, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि व उद्योग विभागों को प्रतिस्पर्धा में अभिनव पहल को मान्यता मिलने के लिए नवाचारी कार्यक्रम राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता मिशन को तत्काल प्रभाव से लागू करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासन को चाहिए कि वह ई-ऑफिस के जरिए नागरिकों को लोकाभिमुख व अधिकतम सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराएं, जिलाधिकारी कार्यालय में राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता अभियान प्रतियोगिता एवं जिला समन्वय समिति की बैठक में वे बोल रहे थे।

सभी विभाग के कर्मी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख रूप से महानगरपालिका के अपर आयुक्त रणजीत पाटील, जिला परिषद सामान्य प्रशासन विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी राघवेंद्र घोरपड़े, निवासी उप जिलाधिकारी जनार्दन विधाते, पैठण फुलंब्री उपविभागीय अधिकारी नीलम बाफना, उपजिलाधिकारी सुचिता शिंदे, सामान्य प्रशासन विभाग की उपजिलाधिकारी संगीता राठौड़, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्रकाश मुकुंद, कृषि विभाग के उपनिदेशक गवली, जिला डेयरी विकास विभाग की सहायक आयुक्त मनीषा हराल संग अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

समस्याओं का शीघ हो निराकरण

जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर जिला विकास के लिहाज से कई पहलों को लागू कर रहा है। स्वामी का मत था कि प्रशासन की ओर से लागू किए गए इन कार्यक्रमों की सरकारी स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने कहा कि सभी विभागों के जरिए कार्यान्वित पायलट कार्यक्रमों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण एवं प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित कार्यालय प्रमुख इस संबंध में तकनीकी त्रुटियों को दूर करते हुए इसका ध्यान रखें। यही नहीं, नागरिकों की समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण कर राहत प्रदान करने के निर्देश भी जिलाधिकारी स्वामी ने दिए।

रोजमर्रा के जीवन में होगी आसानी

जिलाधिकारी स्वामी का कहना रहा कि, सेवाओं की और गुणवत्ता लोकाभिमुखता बढ़ाई गई, तो नागरिकों को रोजमर्रा के जीवन में पेश आने वाली दिक्कतों से राहत मिलेंगी। यही नहीं, उनका परिश्रम और बेशकीमती समय व पैसों की बर्बादी भी रुकेगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सुझाव भी दिए। उस पर सकारात्मकता दिखाकर विभिन्न उपाय योजनाओं पर क्रियान्वयन करने के लिए कहा गया।

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