गुंठेवारी नियमितीकरण शुल्क में रियायत, मनपा प्रशासन ने अवधि को और 6 महीने बढ़ाने का लिया निर्णय

Municipal Corporation administration: महानगरपालिका की मांग पर राज्य सरकार ने शहर की गुंठेवारी कॉलोनियों दिसंबर 2020 तक नियमित करने की अनुमति दे दी है।
गुंठेवारी नियमितीकरण शुल्क में रियायत
गुंठेवारी नियमितीकरण शुल्क में रियायत (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Sambhajinagar Municipal Corporation: गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए 50 प्रतिशत शुल्क रियायत की अवधि 31 मार्च को समाप्त होने के बाद, प्रशासन ने इस अवधि को और 6 महीने बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले तीन महीनों के लिए 50 प्रतिशत और अगले तीन महीनों के लिए 25 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, 25 प्रतिशत शुल्क रियायत अब 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी।

जिसके बाद मनपा गुंठेवारी के लिए कोई शुल्क रियायत नहीं दी जाएगी। महानगरपालिका की मांग पर राज्य सरकार ने शहर की गुंठेवारी कॉलोनियों दिसंबर 2020 तक नियमित करने की अनुमति दे दी है। इन संपत्तियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पिछले पांच वर्षों से गुंठेवारी अधिनियम के अनुसार चल रही है। मनपा ने शहर की संपत्तियों को नियमित करने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया है।

दिसंबर 2020 तक नियमिति की अनुमति

मनपा प्रशासन ने आवासीय संपतियों के नियमितीकरण के लिए रेडी रेकनर दर का पचास प्रतिशत शुल्क लेने का निर्णय लिया था। तदनुसार, यह प्रक्रिया कार्यान्वित की जा रही है इस बीच, 31 मार्च को 50 प्रतिशत शुल्क रियायत समाप्त होने के बाद, इस रियायत को अगले 6 महीनों के लिए बढ़ा दिया गया था।

100 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करना होगा

हालांकि, पहले 3 महीनों के लिए 50 प्रतिशत शुल्क रियायत व अगले तीन महीनों के लिए 25 प्रतिशत शुल्क रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया था, तदनुसार, पिछले दो महीनों से 25 प्रतिशत शुल्क रियायत दी जा रही है। अब यह रियायत भी 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। उसके बाद, मनपा गुंठेवारी शुल्क रियायत फिर से प्रदान नहीं करेगा। गुंठेवारी क्षेत्र के नागरिकों को संपत्ति नियमितीकरण के लिए 1 नवंबर से 100 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करना होगा।

रेडी रेकनर दर के अनुसार शुल्क भरने में आएगी कमी

गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए रेडी रेकनर दर के अनुसार शुल्क लिया जाता है। इसलिए, जिन क्षेत्रों में रेडी रेकनर दरें अधिक हैं। वहां के नागरिकों को गुंठेवारी के अनुसार नियमितीकरण के लिए लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये का शुल्क देना पड़ता है। जबकि, जिन क्षेत्रों में रेडी रेकनर दरें कम हैं, वहां पर से नियमितीकरण की फाइलें वर्तमान में जमा की जा रही हैं।

गुंठेवारी नियमितीकरण शुल्क में 1 अगस्त से 50 की चजाय 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यही वजह है कि, गुंठेवारी के लिए फाइलों के इनकमिंग में फिलहाल कमी हो गई है। हालांकि, 1 नवंबर से यह 25 प्रतिशत छूट भी बंद कर दी जाएगी।

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