महाराष्ट्र में ‘लव जिहाद’ कानून की तैयारी, कमेटी ने तैयार किया ड्राफ्ट

Love Jihad Law Draft: महाराष्ट्र में कथित ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून लाने की तैयारी तेज है। डीजीपी की अगुवाई वाली कमेटी ने ड्राफ्ट तैयार किया है।
Devendra Fadnavis
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Government Action On Love Jihad: महाराष्ट्र में लव जिहाद कानून लाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक राज्य के पुलिस डायरेक्टर जनरल की अगुवाई वाली कमेटी की 2 से 3 मीटिंग हो चुकी हैं, और लव जिहाद एक्ट का पहला ड्राफ्ट लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट के पास तैयार है।

सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने साल 2025 के दौरान जबरन धर्मांतरण और 'लव जिहाद' मामलों के खिलाफ नए कानून के पहलुओं पर स्टडी करने के लिए तत्कालीन डीजीपी रश्मि शुक्ला की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।

इस कमेटी में महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक विकास, कानून एवं न्याय, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता और गृह विभाग के सचिव शामिल हैं। इसके तहत देश के दूसरे राज्यों में तैयार किए गए धर्मांतरण विरोधी कानूनों की भी स्टडी की गई है।

हालांकि अब डीजीपी पद से रश्मि शुक्ला रिटायर हो गई हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में लव जिहाद और धर्म बदलने के खिलाफ कानून लागू है। यही वजह है कि महाराष्ट्र में इस तरह का कानून बनाने की मांग तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी कई बार लव जिहाद रोकने को लेकर कानून बनाने की मांग कर चुके हैं।

मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश

कांग्रेस विधायक असलम शेख ने विधानसभा परिसर में कहा कि यह सरकार मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लव जिहाद पर कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार लव जिहाद पर कानून लाना चाहती है तो फिर उन्हें ऐसा कानून भी लाना चाहिए, जिससे किसान के आत्महत्या करने पर वहां के कलेक्टर को सस्पेंड किया जाए। मंत्री भी अपना पद छोड़े। शेख ने कहा कि आज राज्य में आम लोगों के हालात बेहद खराब है। लेकिन सरकार इस पर बात नहीं करना चाहती है।

कानून लाने के बाद समर्थन पर विचार

राकां शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि पहले सरकार लव जिहाद पर कानून लाए। इस कानून में किस तरह के प्रावधान लाए जाते है। उसकी स्टडी करने के बाद ही हमारी पार्टी समर्थन पर फैसला लेगी। कानून लाने से पहले समर्थन देना है या नहीं, इस पर बात करने का कोई अर्थ नहीं है।

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