RTMNU की ऑनलाइन मार्कशीट में भारी गड़बड़ी, परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

Nagpur University Result Errors: नागपुर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही! बीटेक के नतीजों में विषयवार अंक गायब, ग्रेस मार्क्स में गड़बड़ी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ पर उठे सवाल।
Nagpur University faces backlash over major errors in B.Tech 2nd sem online marksheets. Missing subject-wise marks and grace score blunders spark student protests.
मार्कशीट में त्रुटि (सौजन्य-नवभारत)
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RTMNU Online Marksheet Error: नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी की गई ऑनलाइन मार्कशीट में गंभीर त्रुटियां सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर नये सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं। जल्दबाजी में लिए जा रहे निर्णयों का सीधा खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। विवि की शीत सत्र परीक्षाओं के परिणाम पहले से ही लेट हो गये हैं।

अब जल्दबाजी के कारण गलतियां की जा रही हैं। इसी जल्दबाजी का ताजा उदाहरण बीटेक द्वितीय सेमेस्टर के परिणामों में देखने को मिला जहां छात्रों को जारी की गई ऑनलाइन मार्कशीट में गंभीर खामियां पाई गईं। छात्रों के अनुसार, बीटेक सेकंड सेमेस्टर की ऑनलाइन मार्कशीट में जिन विषयों में छात्र उपस्थित हुए थे उनमें प्राप्त अंकों का कोई विवरण ही नहीं दिया गया।

छात्रों को मिली अधूरी मार्कशीट

मार्कशीट में न तो विषयवार अंक दर्शाए गए और न ही आंतरिक मूल्यांकन का कोई उल्लेख किया गया। केवल कुल अंक दिखाए गए जिससे छात्रों में भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल ऑनलाइन मार्कशीट सिर्फ एक औपचारिक दस्तावेज नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड होता है। इसमें विषयवार अंक, आंतरिक और बाह्य मूल्यांकन का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है। ऐसे में अधूरी और त्रुटिपूर्ण मार्कशीट न केवल नागपुर विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है बल्कि छात्रों को आगे की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और नौकरी के अवसरों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सत्यापन और गुणवत्ता जांच नजरअंदाज

सूत्रों की मानें तो उपकुलपति द्वारा परीक्षा विभाग को परिणाम प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं लेकिन इन निर्देशों के दबाव में काम कर रही परीक्षा एजेंसी और संबंधित विभाग आवश्यक सत्यापन और गुणवत्ता जांच को नजरअंदाज कर रहे हैं। नतीजा यह है कि एक के बाद एक गंभीर गलतियां सामने आ रही हैं।

Nagpur University faces backlash over major errors in B.Tech 2nd sem online marksheets. Missing subject-wise marks and grace score blunders spark student protests.
मार्कशीट में त्रुटि (सौजन्य-नवभारत)

जिन छात्रों को ग्रेस अंकों के आधार पर उत्तीर्ण किया गया है उनकी मार्कशीट में विषय का कुल योग ही गलत दर्शाया गया है। नियमों के अनुसार किसी भी विषय में कुल अंक = थ्योरी अंक + आंतरिक अंक + ग्रेस अंक होने चाहिए और यह योग ठीक-ठीक उत्तीर्णांक (पासिंग मार्क्स) के बराबर होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता यह है कि कई छात्रों की मार्कशीट में यह कुल योग उत्तीर्णांक से कहीं अधिक दिखाया जा रहा है। इससे न केवल अंकों की गणना पर संदेह पैदा होता है बल्कि पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते हैं।

क्रॉस-चेकिंग को किया नजरअंदाज

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रेस अंक एक संवेदनशील और नियमबद्ध प्रक्रिया है जिसमें जरा-सी चूक भी परीक्षा की पवित्रता को नुकसान पहुंचा सकती है। गलत कुल अंक दर्शाने से यह आशंका गहराती है कि परिणाम तैयार करने से पहले आवश्यक सत्यापन और क्रॉस-चेकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन गलतियों की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। न तो परिणाम प्रक्रिया संभाल रही निजी कंपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर रही है, न ही विश्वविद्यालय के अधिकारी और न ही स्वयं उपकुलपति स्तर पर कोई जवाबदेही तय की जा रही है। इस स्थिति में पूरी व्यवस्था जिम्मेदारी के अभाव में चलती नजर आ रही है।

छात्र संगठनों और अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहा है। गलत और अधूरी मार्कशीट जारी करना, बिना समुचित जांच के परिणाम घोषित करना और बाद में सुधार की अनिश्चित प्रक्रिया छात्रों को मानसिक तनाव में डाल रही है।

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