
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Civic Education: छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त श्रीकांत जी की संकल्पना से शुरू की गई अनूठी पहल ‘मैं आयुक्त बनूंगा’ उपक्रम के अंतर्गत हसूल स्थित मनपा प्राथमिक शाला विद्यार्थियों ने उनके निवास ‘जलश्री’ का दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रशासन, खेल, पर्यावरण संरक्षण व जीवन मूल्यों से जुड़े प्रत्यक्ष अनुभव मिले।
बातचीत के दौरान छात्रों ने खिलाड़ी, नाटककार, नृत्यांगना बनने की इच्छा प्रकट की। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मनपा आयुक्त ने कहा कि ‘आपको जो पसंद है वहीं बनिए, सपने बड़े रखकर उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत कीजिए’।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विद्यालय की छात्राएं विभिन्न पारंपरिक वेशभूषाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने तैयार होकर आई थीं। विद्यार्थियों के आगमन के साथ ही खेल गतिविधियों की तैयारियां शुरू हो गई। छात्राओं ने ‘स्वागतम’ गीत पर मनमोहक नृत्य पेश कर आयुक्त का स्वागत किया।
तदुपरांत ढोलना’ व ‘मोबाइल बुरी बला है’ जैसे विषयपरक गीतों व नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक संदेश दिया। छोटे बच्चों की प्रतिभा व आत्मविश्वास से आयुक्त व उनकी पत्नी प्रभावित हुईं व सभी छात्राओं को शाबाशी दी। जी.श्रीकांत ने विद्यार्थियों से संवाद साधते हुए पूछा कि उन्हें अपनी शाला के लिए क्या जरूरी है और वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं।
सभी ने अपनी-अपनी पसंद बताई, विद्यार्थियों ने शाला के लिए खेल सामग्री को आवश्यकता बताई। आयुक्त ने कहा कि जरूरी खेल सामग्री की सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह शाला को प्रदान की जा सके।
विद्यार्थियों के शाला में आने का आग्रह करने पर आयुक्त ने हामी भरी, प्रेरणादायी संवाद के बाद सभी विद्यार्थी बेहद प्रसन्न नजर आए व खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, रस्सीखीच जैसे कई खेल उत्साहपूर्वक माहौल में खेलने के बाद सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक भोजन भी किया।
‘खेलते-खेलते सोखो’ संकल्पना के अंतर्गत विद्यार्थियों को हर्सल तालाब से आने वाली जलापूर्ति व्यवस्था तथा जमीन के भीतर स्थित निजामकालीन पानी की टंकी का अवलोकन कराने के साथ ही जल संरक्षण का महत्व समझाया गया। विद्यार्थियों ने पानी का सदुपयोग करने व उसे व्यर्थ न बहाने की प्रतिज्ञा भी ली।
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यह आयोजन उपायुक्त व शिक्षण विभाग प्रमुख अंकुश पांढरे, नियंत्रण अधिकारी गणेश दांडगे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सफलता के लिए शिक्षा अधिकारी भारत तीनगोटे, कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानदेव सांगले ने विशेष परिश्रम किए प्रधानाध्यापक सुधाकर वानखड़े, रामेश्वर बोराडे, माधवी मोरे, दीपाली म्हस्के व दीपाली बागल उपस्थित थीं।






